भाजपा-कांग्रेस की भी पांच नए जिलाें में जिलाध्यक्ष बनाने की चल रही कवायद

रायपुर(realtimes) प्रदेश में पांच नए जिले पिछले माह से अस्तित्व में आ गए हैं। अब इन जिलों में कांग्रेस और भाजपा के भी जिलाध्यक्ष बनाने की कवायद चल रही है। इनकी नियुक्ति दीपावली के बाद हाेने के संकेत हैं। इस समय जहां कांग्रेस के 36 संगठन जिले हैं, वहीं भाजपा के 30 संगठन जिले हैं। ये जिले पुराने 28 जिलों के हिसाब से हैं। नए जिलों में पांच-पांच अध्यक्ष बनने के बाद दोनों राजनीतिक पार्टियों के संगठन जिलों में इजाफा हो जाएगा। भाजपा यूं भी जल्द ही अपने कई जिलाध्यक्षों को बदलने वाली है। संभावना है कि इसी के साथ नए जिलों के अध्यक्ष भी बना लिए जाएंगे।
प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सितंबर में पांच नए जिलों को प्रारंभ कर दिया है। नए जिलों में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान- गंड़ई, सारगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती शामिल हैं। इन जिलों का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया है। जिलों में एक तरफ जहां प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति हो गई है, वहीं अब राजनीतिक पार्टियां भी इन जिलों में अपने जिलाध्यक्ष बनाने की कवायद कर रही हैं।
कांग्रेस के हो जाएंगे 41 संगठन जिले
सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के इस समय 36 संगठन जिले हैं। नए जिलों में जिलाध्यक्ष बनने के बाद 41 संगठन जिले हो जाएंगे। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला का कहना है, नए जिलों में अध्यक्ष बनेंगे, लेकिन इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। इस समय पार्टी संगठन चुनाव में लगी हुई है। संगठन चुनाव निपटने के बाद जिलाध्यक्षों को लेकर कवायद होगी। उन्होंने बताया सभी नए जिलों में जिलाध्यक्ष बनाए जाएंगे। इसी के साथ उनकी पूरी कार्यकारिणी भी बनेगी।
भाजपा के होंगे 35 संगठन जिले
भाजपा के इस समय 28 जिलों में 30 संगठन जिले हैं। भिलाई के साथ रायपुर ग्रामीण को अलग जिले का दर्जा है। भाजपा में पांच नए जिलाध्यक्ष बनने पर उसके 35 संगठन जिले हो जाएंगे। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अरूण साव का कहना है, जल्द ही नए जिलों में जिलाध्यक्ष बनाने की कवायद प्रारंभ करेंगे। संभावना है दीपावली के बाद नए जिलों में अध्यक्ष बना दिए जाएंगे।



