बेरोजगारी भत्ता देने से ज्यादा खुशी तब होगी जब आपके हाथ में रोजगार होगा : भूपेश - realtimes
मौसम डेटा स्रोत: रायपुर मौसम
State

बेरोजगारी भत्ता देने से ज्यादा खुशी तब होगी जब आपके हाथ में रोजगार होगा : भूपेश

सीएम ने 1.05 लाख से ज्यादा बेरोजगारों के खाते में 32.35 करोड़ रूपए

रायपुर(realtimes) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बेरोजगारी भत्ते की दूसरी किश्त जारी करते हुए युवाओं से कहा कि आपको बेरोजगारी भत्ते से सहायता मिल रही है, लेकिन मुझे बेरोजगारी भत्ता देने से ज्यादा खुशी तब होगी जब आपके हाथ में रोजगार होगा। सरकारी नौकरी के लिए हम लगातार वेकेंसी निकाल रहे हैं इसके साथ ही आपको कौशल प्रशिक्षण भी दे रहे हैं ताकि आप अपना काम भी शुरू कर सकें। बेरोजगारी भत्ता एक छोटा सा सहयोग भर है, जिसके माध्यम से आप अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकें।

तकनीकी शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने युवाओं से बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था, जिसे उन्होंने पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के अच्छे वित्तीय प्रबंधन के द्वारा ही जनता से किए वादों को पूरा करने में हम सफल रहे हैं।


कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख सचिव, डॉ. आलोक शुक्ला ने स्वागत भाषण देते हुए बताया कि बेरोजगारी भत्ता प्राप्त कर रहे 1701 युवाओं का लाइवलीहुड कालेज सहित 33 संस्थानों में कौशल प्रशिक्षण आरंभ हो चुका है। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों के 22,154 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है तथा 972 पदों के लिए नियुक्ति आदेश जारी हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने 14 वर्षों में बेरोजगारी भत्ते के रूप में लगभग 99 करोड़ रूपए की राशि दी थी। जबकि वर्तमान में बेरोजगारी भत्ते की दो किश्तों में ही 48 करोड़ 89 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण श्री अवनीश शरण ने बताया कि बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वालों में 39 प्रतिशत महिलाएं, 61 प्रतिशत पुरूष, 83 प्रतिशत ग्रामीण तथा 17 प्रतिशत शहरी हितग्राही है। सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास श्री टोपेश्वर वर्मा ने अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित हितग्राहियों तथा विभिन्न जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से चर्चा के दौरान उन्हें योजना प्रारंभ करने के लिए धन्यवाद दिया।

Related Articles

Back to top button