बंद कमरे में शाह की चुनावी रणनीति, पुराने टॉस्क पर पूछे सवाल, लौटे देकर नए टॉस्क

रायपुर(realtimes) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज सुबह काे कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में कई संगठनों के प्रतिनिधि मंडलों से मुलाकात के बाद वापस दिल्ली लौट गए। इसके पहले कल रात काे प्रदेश के चुनिंदा नेताओं के साथ बंद कमरे में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुनावी रणनीति पर मंथन किया। पहले दौरे में दिए गए आधा दर्जन टॉस्क की जानकारी ली और नए टॉस्क दिए। नए टॉस्क में सबसे अहम चुनाव संचालन समिति है। इसी के साथ अन्य टॉस्क भी दिए गए हैं।
श्री शाह ने प्रदेश में भाजपा की स्थिति को देखते हुए अब खुद की यहां की चुनावी कमान संभाल ली है। उनका दूसरा दौरा भी ठीक पहले दौरे की तरह ही है। कल रात को केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के चुनाव सह प्रभारी मनसुख मंडाविया के साथ पहुंचे और ठाकरे परिसर आने के बाद यहां पर उन्होंने प्रदेश प्रभारी और चुनावी प्रभारी ओम माथुर, सह प्रभारी नितिन नवीन और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के साथ पहले अलग से बात की, इसके बाद प्रदेश के नेताओं प्रदेशाध्यक्ष अरुण साव, पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष नारायण सिंह चंदेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम के अलावा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और अन्य महामंत्रियों के साथ बैठक की।
पूछा पुराने टॉस्क में क्या-क्या किया
श्री शाह ने बैठक में सबसे पहले पूछा कि पहले के टॉस्क पर क्या-क्या काम हुआ है। उनकाे प्रदेश के नेताओं ने जो जानकारी दी है, उसमें उनके पहले दौरे में दिए गए टॉस्क में से घोषणा पत्र समिति और आरोप पत्र समिति के बारे में बताया गया। घोषणा पत्र समिति बनाने के साथ ही इनको लेकर बनाई गई समितियों के बारे में पूरी जानकारी दी गई कि किस तरह से हर वर्ग तक पहुंचने की योजना बनाई गई है और हर विधानसभा में एक सुझाव पेटी भी रखी जाएगी। आरोप पत्र समिति के बारे में भी बताया गया कि प्रदेश सरकार के खिलाफ 109 बिंदुओं का आरोप पत्र लाकर विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अन्य टॉस्क में हर विधानसभा में आंदोलनों के बारे में भी जानकारी दी गई। जो टॉस्क बचे हैं, उन पर क्या काम हो रहा है, यह भी बताया गया।
मिले नए टॉस्क
श्री शाह ने कुछ नए टॉस्क भी दिए हैं। इसमें सबसे अहम चुनाव संचालन समिति है। संभावना है कि उनके वापस जाने के बाद इसकी ठीक उसी तरह से घोषणा होगी, जैसे घोषणा पत्र और आरोप पत्र समिति की गई थी। कुछ अन्य टॉस्क भी दिए गए हैं, लेकिन इसका खुलासा कोई भी भाजपा नेता नहीं कर रहा है। श्री शाह ने बैठक के बाद ठाकरे परिसर में ही रात्रि विश्राम किया है।
एयरपोर्ट में स्वागत के लिए किया मना
श्री शाह माना विमानतल से सीधे ठाकरे परिसर पहुंचे। इस बार श्री शाह ने एयरपोर्ट पर स्वागत करने के लिए किसी भी नेताओं को आने से मना कर दिया था, इसलिए कोई भी नेता एयरपोर्ट नहीं गया। पिछली बार कुछ नेता पहुंचे थे। इस बार उनके स्वागत के लिए लंबी सूची तैयार की गई थी, पर दिल्ली से ही फरमान आ गया कि एयरपाेर्ट पर कोई नहीं आएगा।
ननकी काे नहीं मिला प्रवेश
ठाकरे परिसर में बैठक के बीच अचानक वहां पर प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और विधायक ननकी राम कंवर पहुंच गए, लेकिन उनकाे सुरक्षा बल के जवानों ने अंदर जाने नहीं दिया। उनसे साफ कहा गया,आपका नाम श्री शाह से मिलने वालों में नहीं है।



