देश भर के बिजली संघों ने प्रीपेड मीटरों के विरोध में खाेला माेर्चा

रायपुर. अपने राज्य छत्तीसगढ़ में भी इस साल प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने वाले हैं। देश के कई राज्यों में ये लग रहे हैं। इसको लगाने का काम निजी हाथों में दिया गया है। इधर देश भर के राज्यों के बिजली संघों के पदाधिकारी रायपुर में जुटे हैं। दो दिनों की बैठक के पहले दिन सभी संघों ने एक स्वर में देश भर में लगाए जाने वाले प्रीपेड स्मार्ट मीटरों का विरोध करते हुए कहा, यह निजीकरण का ही बड़ा हिस्सा है। निजी कंपनी को इसका काम दिया जा रहा है। निजी कंपनी को काम देने से पहले कुछ भी तय नहीं हो रहा है। अगर किसी कंपनी काे काम देना है तो पहले एक बड़ी रायल्टी तय की जाए, जिससे राज्य की बिजली कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। इसके बिना कहीं भी प्रीपेड मीटर लगाने नहीं दिए जाएंगे।बैठक में हुई चर्चा में कहा गया, केंद्र सरकार ने बिजली सेक्टर को निजी हाथों में सौंपने का काम प्रारंभ कर दिया है। देश के कुछ राज्यों में इसको लेकर जब काम प्रारंभ किया गया तो इसका भारी विरोध किया गया। महाराष्ट्र में विरोध के बाद निजीकरण पर रोक लगी है। लेकिन केंद्र सरकार दूसरे रास्ते से निजीकरण करने का काम कर रही है। देश भर में जो प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की योजना तैयार की गई है, वह निजीकरण का हिस्सा है। इसकी आड़ में निजी कंपनी को काम देकर निजीकरण किया जा रहा है। बैठक का उद्घाटन करते हुए भामसं उपाध्यक्ष व विद्युत क्षेत्र प्रभारी एलपी कटकवार ने मुख्य वक्ता के तौर कहा, विद्युत उद्योग में सुधार के नाम पर निजीकरण के प्रयास का महासंघ तीव्र विरोध करता है। आरडीएसएस के माध्यम से समूचे देश के राज्य विद्युत निगमों को केन्द्र सरकार द्वारा अरबों रुपए प्रदान किये जा रहे हैं। प्रीपैड मीटर लगाने के नाम पर निजी कंपनियों को ठेका प्रदान किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मीटर लगाने वाली फर्मे 10 वर्षो तक प्रीपेड मीटरों का संधारण कार्य करेगी, लेकिन विद्युत वितरण संधारण का मूल कार्य विद्युत कंपनियों को ही करना होगा । महासंघ इसका विरोध करता है तथा जिस तरह से वर्तमान में मीटरों का मालिकाना हक विद्युत कंपनियों के पास है, ठीक उसी तरह की व्यवस्था प्रीपेड मीटर में भी होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में ही साढ़े तीन हजार करोड़ की योजना लाई जा रही है। इसका टेंडर बुलाया गया है।
आंदोलन की बनी रणनीति
बैठक की अध्यक्षता अभा अध्यक्ष मधुसूदन जोशी ने की। उद्योग प्रभारी अख्तर हुसैन व भामसं के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एलपी कटकवार व भामसं के राष्ट्रीय मंत्री सुरेन्द्र पाण्डेय व क्षेत्रीय संगठन मंत्री धरम दास शुक्ला ने मार्गदर्शन दिया। प्रदेश भामसं के महामंत्री नरोत्तम धृतलहरे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री व राष्ट्रीय मंत्री हरीश चौहान ने बताया, बैठक में राज्यों के संगठनात्मक गतिविधियों के साथ समस्याओं की जानकारी ली गई। आगामी दिनों में विभिन्न समस्याओं तथा केन्द्र व राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में तीव्र आंदोलन करने पर भी विचार किया गया।



