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कबीरधाम मेडिकल कॉलेज हाथ से तो नहीं निकल जाएगा, अकबर ने जताई आशंका- भाजपा सरकार पर लापरवाही का आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने आशंका जताई है कि कबीरधाम जिले के प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज हाथ से न निकल जाए। एक बयान में उन्होंने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह कर कवर्धा ( कबीरधाम जिला) के लिए मेडिकल कॉलेज मंजूर कराया था। लेकिन अब लग रहा है कि कहीं यह कालेज भाजपा सरकार की लापरवाही की वजह से हाथ से न निकल जाए।


श्री अकबर की आशंका के पीछे दरअसल बड़ी वजह ये है कि छत्तीसगढ़ में 5 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से मान्यता नहीं मिल सकी है। इससे मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, गीदम (दंतेवाड़ा) और कुनकुरी (जशपुर) में खुलने वाले इन कॉलेजों का भविष्य अधर में लटक गया है और राज्य में 250 नई एमबीबीएस सीटें जुड़ने की योजना को बड़ा झटका लगा है।


मान्यता रद्द होने के प्रमुख कारण


एनएमसी ने इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी की कमी को आधार बनाते हुए इन कॉलेजों के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है
अधूरा निर्माण: कई प्रस्तावित स्थलों पर मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के भवनों का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
दस्तावेज़ों में कमी: आवेदन के साथ जरूरी हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी का एफिलिएशन सर्टिफिकेट तक संलग्न नहीं किया गया था।
फैकल्टी व स्टाफ की कमी: मेडिकल कॉलेजों के लिए तय मानकों के अनुरूप आवश्यक फैकल्टी, डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ की भारी कमी है।


अधिकारियों की लापरवाही: चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा बिना पूर्ण तैयारी के अनुमति के लिए आवेदन भेजा गया, जिसे एनएमसी की टीम ने निरीक्षण में खारिज कर दिया।


संभावित प्रभाव


सीटों पर ब्रेक: इन पांचों कॉलेजों में प्रत्येक में 50-50 सीटों के हिसाब से कुल 250 एमबीबीएस सीटें शुरू होनी थीं, जिस पर फिलहाल रोक लग गई है।


स्थानीय चिकित्सा सुविधा प्रभावित: इन कॉलेजों के नहीं खुलने से स्थानीय क्षेत्रों के निवासियों को मिलने वाली आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में देरी होगी।


राज्य सरकार द्वारा अभी तक इस मसले पर कोई आधिकारिक समाधान पेश नहीं किया गया है, जिसके चलते इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। यही कारण है कि श्री अकबर ने ये आशंका जताई है कि कहीं कवर्धा का मेडिकल कालेज हाथ से न निकल जाए।

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