छोटी कंपनियों के दबदबे वाले क्षेत्रों के लिए PLI योजना की जरूरत नहीं: GTRI

नयी दिल्ली: शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा है कि सरकार को छोटी कंपनियों के प्रभुत्व वाले चमड़े के जूते और हस्तशिल्प उत्पाद जैसे क्षेत्रों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का लाभ नहीं देना चाहिए। जीटीआरआई का मानना है कि ऐसा होने पर कारोबार इन उद्यमों के हाथ से निकल सकता है। जीटीआरआई की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि छोटी कंपनियों को प्रौद्योगिकी तक पहुंच या कम लागत के वित्त की जरूरत है, पीएलआई की नहीं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य प्रसंस्करण या ऑटो जैसे क्षेत्रों में कई घरेलू विनिर्माता हैं। ऐसे में कुछ कंपनियों को पैसे देकर हम प्रतिस्पर्धा को अवरुद्ध करेंगे। जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि बढ़ी हुई बिक्री पर चार से छह प्रतिशत की दर से पीएलआई का पैसा उपलब्ध कराने से मुनाफा मार्जिन 30 से 40 प्रतिशत बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों को पीएलआई योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें अपनी कोई गलती नहीं होने पर भी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में इस तरह के क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने से बचा जाना चाहिए।



