छत्तीसगढ़ में पदोन्नति योजनाएं खत्म, अब समयमान वेतनमान व्यवस्था लागू

रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार ने कर्मचारियों की पदोन्नति आधारित वेतनमान योजनाओं में बड़ा बदलाव करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संचालित कई विशेष पदोन्नति योजनाओं को समाप्त करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के अनुसार अब इन योजनाओं को वित्त विभाग की समयमान वेतनमान व्यवस्था में समाहित किया जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 9 जून 2026 को जारी आदेश के मुताबिक शिक्षकों, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों, विभिन्न निर्माण विभागों के उपअभियंताओं तथा वन विभाग के वनक्षेत्रपालों के लिए लागू विशेष पदोन्नति वेतनमान योजनाओं की प्रभावशीलता 31 मार्च 2026 से समाप्त मानी जाएगी।
नए कर्मचारियों के लिए केवल समयमान वेतनमान
आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद नियुक्त होने वाले सभी शासकीय कर्मचारियों को केवल वित्त विभाग के अंतर्गत संचालित समयमान वेतनमान योजना का लाभ मिलेगा। उन्हें पुरानी पदोन्नति आधारित योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।
यह निर्णय राज्य सरकार की उस कवायद का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत विभिन्न विभागों में अलग-अलग चल रही वेतन उन्नयन व्यवस्थाओं को एक समान ढांचे में लाने की कोशिश की जा रही है।
पुराने कर्मचारियों को मिलेगा विकल्प
सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नियुक्त कर्मचारियों को राहत देते हुए उन्हें एक विकल्प देने का फैसला किया है। ऐसे कर्मचारी पदोन्नति वेतनमान और समयमान वेतनमान में से जो व्यवस्था उनके लिए अधिक लाभकारी हो, उसका चयन कर सकेंगे। हालांकि उन्हें दोनों योजनाओं का लाभ एक साथ नहीं मिलेगा।
एक बार चुना विकल्प बदला नहीं जा सकेगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी द्वारा चुना गया विकल्प अंतिम और अपरिवर्तनीय होगा। भविष्य में उच्चतर वेतनमान का लाभ भी उसी विकल्प के आधार पर तय किया जाएगा।
कर्मचारियों को आदेश जारी होने की तारीख से एक माह के भीतर अपना विकल्प सक्षम प्राधिकारी को देना होगा। यदि निर्धारित अवधि में विकल्प प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो यह माना जाएगा कि संबंधित कर्मचारी पुरानी पदोन्नति योजना में बने रहना चाहता है। इसके बाद प्राप्त होने वाले विकल्पों पर विचार नहीं किया जाएगा।
विभागों से मांगे जाएंगे नए प्रस्ताव
आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन विभागों के कुछ पद अभी समयमान वेतनमान योजना में शामिल नहीं हैं, वे संबंधित प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजेंगे ताकि उन्हें भी इस व्यवस्था के दायरे में लाया जा सके।
क्या है इस फैसले का महत्व?
राज्य सरकार के इस निर्णय से वर्षों से विभिन्न विभागों में अलग-अलग नियमों के तहत चल रही पदोन्नति वेतनमान योजनाओं का दायरा सीमित हो जाएगा। नई नियुक्तियों के लिए वेतन उन्नयन का आधार पूरी तरह समयमान वेतनमान होगा, जबकि पुराने कर्मचारियों को अपने हित के अनुसार व्यवस्था चुनने का अवसर दिया गया है। इससे भविष्य में वेतन निर्धारण और सेवा शर्तों में एकरूपता आने की संभावना है।



