कोचिंग सेन्टर में कोई न मरता अगर….

नई दिल्ली। सिविल सेवा की तैयारी कर रहे एक अभ्यर्थी ने सोमवार को कहा कि ओल्ड राजिंदर नगर स्थित कोचिंग सेंटर में घूसे नाले के पानी से मारे गए तीन आईएएस अभ्यर्थियों की मौत नहीं होती, अगर अधिकारियों ने बिल्डिंग के बेसमेंट से अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां चलाए जाने के खिलाफ उसकी शिकायत पर ध्यान दिया होता।
दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले किशोर कुशवाहा ने कहा कि मैंने 26 जून को दिल्ली नगर निगम को पत्र लिखकर राउ आईएएस स्टडी सर्किल के बेसमेंट में चलाए जाने के खिलाफ शिकायत की थी। मैंने कोचिंग सेंटर की लाइब्रेरी के बारे में केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन उसके बावजदू कुछ नहीं हुआ।
कुशवाहा ने कहा कि मैंने 15 जुलाई और 22 जुलाई को सरकारी एजेंसियों को रिमाइंडर भेजे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्र ने आगे कहा कि इस तरह के कोचिंग सेंटर न केवल राजिंदर नगर इलाके में चल रहे हैं बल्कि मुखर्जी नगर सहित देश के कई शहरों में संचालित है। इससे लाखों छात्रों की जिंदगी खतरे में है।
कुशवाहा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि कोचिंग मालिक बेसमेंट में लाइब्रेरी और कक्षाएं चलाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को रिश्वत देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर 26 जून को मेरी पहली शिकायत पर कार्रवाई की गई होती, तो तीन लोगों की जान बचाई जा सकती थी।



