राज्य सरकार ने महादेव सट्टा ऐप की जांच सीबीआई को सौंपी, 70 केस दर्ज

रायपुर: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को महादेव सट्टेबाजी ऐप से जुड़े घोटाले के मामलों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का ऐलान किया है। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा पिछले सप्ताह जारी की गई एक अधिसूचना के बाद आया है। शर्मा ने बताया कि इस घोटाले से संबंधित कुल 71 मामले राज्य के विभिन्न पुलिस थानों और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में दर्ज किए गए थे।
सीबीआई करेगी मामले की व्यापक जांच
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाले के कई मामलों को अब सीबीआई जांच के लिए सौंप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों में भी इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके अलावा, इस घोटाले के प्रमुख आरोपियों के विदेश में होने की संभावना है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है। अब सीबीआई इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी, ताकि सभी दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जा सके।
मामले में नहीं होगी कोई कोताही
डेप्युटी सीएम ने साफ किया कि महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाले की जांच में कोई ढील नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शर्मा ने भरोसा जताया कि विदेश में मौजूद आरोपियों को भी वापस लाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई करेगी, जिससे न्याय की जीत हो सके।
ईडी की चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच
महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाले से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामलों की जांच पिछले एक साल से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रही है। यह मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान इस ऐप के माध्यम से बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी हो रही थी। राज्य में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद, ईडी की रिपोर्ट के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मार्च में आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
छत्तीसगढ़ सरकार के इस बड़े फैसले के बाद, अब सभी की निगाहें सीबीआई की जांच पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घोटाले के मुख्य दोषियों तक कब और कैसे कानून का शिकंजा पहुंचता है।



