आरएएस के देश भर के मेहमान, पहली बार चखेंगे छत्तीसगढ़ी पकवान

रायपुर(realtimes) काेई छत्तीसगढ़ आए और यहां के पकवान खाए बिना रह जाए ऐसा भला हाे सकता है क्या। राजधानी रायपुर में पहली बार राष्ट्रीय स्वंय संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय समन्वयक समिति की बैठक 10 से 12 सितंबर तक होगी। इस बैठक में देश भर के दो सौ से ज्यादा दिग्गज नेता आएंगे। इन नेताओं को यहां पर तीन दिनों तक खाने में छत्तीसगढ़ी पकवान भी परोसे जाएंगे। आरएसएस की जिस भी राज्य में राष्ट्रीय स्तर की बैठक होती है, उस राज्य के व्यंजन हमेशा बनाए जाते हैं। यहां पर मेहमानों को चीला, फरा, चौसेला सहित अन्य छत्तीसगढ़ी पकवानों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। इसी के साथ चाय के साथ दिए जाने वाले बिस्किट लोकल रहेंगे।
रायपुर में पहली बार आरएसएस की राष्ट्रीय स्तर की बैठक हो रही है। इस बैठक में आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाेले सहित संघ के पांचों सह सरकार्यवाह तथा अन्य प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ संघ से जुड़े 37 से ज्यादा संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महासचिव, संगठन महामंत्री भी शामिल होंगे। बैठक जैनम भवन में होगी। बैठक में शामिल होने वाले सभी नेताओं को तीन दिनों तक जैनम भवन में ही रहना होगा।
9 की रात से बनेगा खाना
देश भर के जो भी नेता बैठक में शामिल होने आ रहे हैं, सभी 9 सितंबर की रात तक जैनम भवन पहुंच जाएंगे। इसी दिन रात से लेकर 12 सितंबर की रात तक सभी यहां पर खाना खाएंगे। इनके लिए जो खाना बनाया जाएगा, उसके साथ हर वक्त के खाने में छत्तीसगढ़ी पकवान भी बनेंगे। इसमें मुख्य रूप से चीला, फरा, चौसेला, बडा, कढ़ी शामिल होंगे। व्यवस्था में लगे आरएसएस के राज्य के नेताओं का कहना है आरएसएस की जिस भी राज्य में बैठक होती है, वहां के पकवानों को खाने में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाता है। इसके पहले दक्षिण भारत और गुजरात में बैठक हुई थी तो वहां के स्थानीय पकवानों को
शामिल किया गया था।
चाय के साथ लोकल बिस्किट
मेहमानों को सुबह और शाम को चाय के साथ जो बिस्किट दिए जाएंगे वो किसी भी नामी कंपनी के न होकर स्थानीय बेकरी में बनने वाले लोकर बिस्किट होंगे। इसमें नारियल के मीठे बिस्किट, खारे बिस्किट सहित कई तरह के बिस्किट शामिल रहेंगे। इसी के साथ चाय और खाने में किसी भी तरह के प्लास्टिक डिस्पोज का उपयोग नहीं किया जाएगा। चाय भी दो प्रकार की बनेगी, जो शुगर के मरीज होंगे उनके लिए बिना शक्कर वाली चाय बनेगी। इसी के साथ जिन मेहमानों का किसी दिन अगर उपवास होगा तो उनके लिए फल, फ्रूट की व्यवस्था रहेगी।



