आफत में जान, भरी गर्मी में बिजली कटौती से सब हालाकान  - realtimes
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आफत में जान, भरी गर्मी में बिजली कटौती से सब हालाकान 

रायपुर. एक तो जानलेवा गर्मी ऊपर से सितम यह हाे रहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी प्रदेश भर के बिजली उपभोक्ता पर और आफत लादने का काम कर रही है। भरी गर्मी में बिजली बंद होने को लेकर लगातार परेशान हैं। हर तरफ से एक ही शिकायत है कि अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। इस मामले में राजनीति भी हो रही है। भाजपा नेता आरोप भी लगा रहे हैं कि सरप्लस बिजली वाले राज्य में कांग्रेस की सरकार में बिजली कटौती हो रही है। इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी के आला अधिकारियों का कहना है, हर साल मानसून से पहले मेंटेनेंस का काम करने के लिए शटडाउन करना पड़ता है। अप्रैल से लेकर जुलाई तक आंधी तूफान और बारिश के कारण कहीं भी कभी ब्रेकडाउन हो जाता है। इसको कटौती कहना उचित नहीं है।

प्रदेश में मानसून के आगमन से पहले लगातार भीषड़ गर्मी पड़ रही है। ऐसे में अगर बिजली गुल हो जाए, तो क्या हालत होगी, इसकी कल्पना की जा सकती है। प्रदेश के कई शहरों में इस समय लोगों को भरी गर्मी में बिजली गुल के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा कोई शहर और गांव नहीं होगा जहां से बिजली बंद होने की शिकायत न हो। राजधानी रायपुर में भी स्थिति यह है कि यहां भी कब बिजली बंद हो जाएगी कहा नहीं सकता। बिना आंधी तूफान के ही बिजली बंद होना भी आम बात है। बीती रात काे ही डीडी नगर के सेक्टर दो में रात को 12.30 बजे बिजली बंद हो गई। इसको आने में आधा घंटा लग गया। जहां भी बिजली बंद होती है, वहां के बिजली दफ्तर में हमेशा फोन बिजी मिलता है। जानकारों की मानें, तो आमतौर पर बिजली बंद होने पर शिकायत केंद्र में फोन को उठाकर रख दिया जाता है।

पावर कंपनी बोल रही चल रहा मेंटेनेंस

पावर कंपनी के अधिकारी इस बात से साफ इनकार करते हैं कि प्रदेश में कहीं भी बिजली कटौती हो रही है। इनका कहना है, प्रदेश में 5350 फीडर 11 केवी के और एक हजार से ज्यादा 33 केवी के हैं। मानसून से पहले इनका मेंटेनेंस किया जाता है। एक दिन में सौ से ज्यादा फीडरों में काम करने के लिए चार से छह घंटे तक बिजली बंद की जा रही है। सभी फीडरों का मेंटेनेंस करने में दो माह से ज्यादा का समय लग जाता है। बिजली बंद करने से पहले जहां उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल नंबर पर सूचना दी जाती है, वहीं एक दिन पहले अखबारों के माध्यम से भी जानकारी दी जाती है। इसी के साथ कभी भी आंधी, तूफान या किसी और कारण से ब्रेकडाउन होना आम बात है।

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