छत्तीसगढ़ के पटवारी बेमुद्दत हड़ताल पर,राजस्व का कामकाज होगा प्रभावित

आठ सूत्रीय मांगो को लेकर शुरु हुआ आंदोलन
अभी से राजस्व का कामकाज होने लगा प्रभावित
रायपुर(realtimes) राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर राज्य भर के पटवारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के पहले दिन से राज्य भर में राजस्व से संबंधित कामकाज प्रभावित हुआ है। पटवारियों ने तीन साल पहले भी हड़ताल की थी, लेकिन उस समय कोरोना होने तथा राजस्व मंत्री के आश्वासन के कारण हड़ताल वापस ले ली गई थी। हाल ही में 24 अप्रैल को भी इन लोगों ने एक दिवासीय धरना प्रदर्शन किया था और मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात कही थी।
राजस्व सचिव को दी आंदोलन की सूचना
सोमवार 15 मई को हड़ताल पर जाने से पहले राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ की ओर से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव को लिखित में सूचना दी गई है। पटवारियों का कहना है कि विभिन्न मांगों व समस्याओं के निराकरण के लिए राजस्व पटवारी संघ समय-समय पर आपसे पत्राचार निवेदन करते आया है। मांगों को लेकर दिसंबर 2020 में भी संघ द्वारा विभिन्न चरणों में आंदोलन किया गया था। जिस पर राजस्व मंत्री के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया था। कुछ मांगो को जैसे स्टेशनरी भत्ता,नेट भत्ता आदि को वर्ष 2021 में स्वीकृत किया गया है। लेकिन उसका क्रियान्वयन नहीं हुआ। पटवारियों ने इस बात के लिए खेद जताया है कि आज तक पटवारियों की समस्याओं और मांगों का उचित निराकरण नहीं किया जा सका है। जिससे पटवारियों में भारी रोष व्याप्त है।
आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
पटवारियों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरु किया है। इनकी मांग है कि वेतन विसंगति दूर करते हुए वेतन में बढ़ोतरी की जाए। वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति हो,संसाधन और भत्ते दिए जाएं। स्टेशनरी भत्ता, अतिरिक्त प्रभार के हल्के का भत्ता,पटवारी भर्ती के लिए योग्यता स्नातक की जाए। मुख्यालय निवास की बाध्यता समाप्त हो। बिना विभागीय जांच के एफआईआर दर्ज न हो।



