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कोरबा मेडिकल कॉलेज को मिला पहला देहदान

अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास-प्रस्ताव पारित,भाजपा के पक्ष में पड़े 10 और कांग्रेस मिले 5 वोट, भाजपा में उत्साह

शासन बदलने के साथ भाजपा को जिले में बड़ी जीत

कोरबा। भाजपा पार्षदों ने छुरीकला नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था, जो अब पारित हो गया। नगर पंचायत अध्यक्ष नीलम देवांगन की कुर्सी चली गई। अपर कलेक्टर दिनेश नाग ने इस प्रक्रिया को पूरी कराई। उन्होंने बताया कि अब अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया है। सरकार के निर्देश पर अगली कार्रवाई की जाएगी। अपर कलेक्टर दिनेश नाग ने बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराई, जिसमें प्रस्ताव के पक्ष में 10 वोट पड़े और विपक्ष को 5 वोट हासिल हुए। नीलम देवांगन की कुर्सी बचाने काफी प्रयास किया गया लेकिन प्रयास असफल रहा। सूत्रों के मुताबिक अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों ने कांग्रेस के भी पार्षद शामिल थे। नीलम के समर्थन में सिर्फ पांच पार्षदों ने वोट डाले जबकि नगर पंचायत में कांग्रेस के पार्षद ज्यादा हैं, लेकिन नीलम अशोक देवांगन की कार्यशैली से कई कांग्रेस पार्षद भी नाराज चल रहे थे। अपर कलेक्टर दिनेश नाग ने बताया कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया है।

छुरीकला की जनता की जीत- राजीव सिंह

परिणाम की जानकारी मिलने पर भाजपा समर्थक खुशी से झूम उठे। भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह ने कहा कि छुरीकला की जनता की जीत है, जो काफी समय से परेशान चल रही थी। पिछली कांग्रेस सरकार में जोड़तोड़ की राजनीति के चलते यहां कांग्रेस की अध्यक्ष थी, लेकिन अब सत्य की जीत हुई है और गुंडागर्दी से कांग्रेस ने जो अध्यक्ष बनाया था, उसकी कुर्सी सुशासन आने के बाद चली गई।

जोड़-तोड़ के साथ बनाए थे अध्यक्ष

कांग्रेस शासन काल में अप्रत्यक्ष प्रणाली से नगर पंचायत के चुनाव कराए गए थे, जिसमें 15 वार्ड से निर्वाचित पार्षदों ने अध्यक्ष का चुनाव किया था। भारी जोड़-तोड़ के साथ कांग्रेस की पार्षद नीलम देवांगन अध्यक्ष निर्वाचित हुई थी।

अविश्वास प्रस्ताव लाने का आवेदन

बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद ही पार्षदों की नाराजगी दिखने लगी थी। बाद में मामला और बिगड़ गया। 2 वर्ष पहले भाजपा पार्षदों के द्वारा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का आवेदन प्रशासन को दिया गया था, लेकिन सरकारी दबाव में इस पर ध्यान नहीं दिया गया और अब शासन भाजपा का आने के बाद यह कार्रवाई पूरी हुई और नीलम देवांगन को सत्ता से हाथ धोना पड़ा।

कांग्रेस पार्षद को बर्खास्त होना पड़ा था

नीलम देवांगन को हटाने के लिए भाजपा ने नहीं बल्कि कांग्रेस के भी पार्षद हीरालाल यादव ने नेतृत्व किया था। अपनी ही पार्टी की अध्यक्ष को हटाने के लिए नेतृत्व करने वाले कांग्रेस पार्षद हीरालाल यादव के खिलाफ तात्कालीन कटघोरा विधायक एवं पूर्व अध्यक्ष अशोक देवांगन ने साजिश रची और अध्यक्ष के हाथों डीएम न्यायालय में याचिका दायर की गई, जिसमें जनप्रतिनिधि (हीरालाल यादव)द्वारा अवैध कब्जा को मुद्दा बनाकर दस्तावेज पेश किया गया। तात्कालीन कलेक्टर संजीव झा ने इसकी जांच करायी और शासन-प्रशासन के दबाव में आकर हीरालाल यादव को बर्खास्त कर दिया गया, ताकि नीलम देवांगन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव फिर से न लाया जा सके। कलेक्टर द्वारा पार्षद को बर्खास्त किये जाने के खिलाफ पार्षद हीरालाल यादव ने हाई कोर्ट की शरण ली और कोर्ट से हीरालाल यादव को न्याय मिला और उसकी पार्षदी फिर से बहाल हुई। हीरालाल यादव ने कुछ कांग्रेसी एवं भाजपा पार्षदों से मिलकर फिर कलेक्टर को नीलम देवांगन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया और आज 28 फरवरी को वोटिंग हुई, जिसमें नीलम देवांगन की कुर्सी चली गई। इस कार्रवाई के बाद नाराज कांग्रेस पार्षद भी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।

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