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अदालती फैसलों को समृद्ध करने के लिए विविधता और प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण है: प्रधान न्यायाधीश

नयी दिल्ली: 10 फरवरी (ए) देश के प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि विविधता और प्रतिनिधित्व न केवल ऐतिहासिक अन्यायों को सुधारने के लिए बल्कि अदालतों की निर्णय लेने की क्षमता को समृद्ध करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने 28 जनवरी, 1950 को उच्चतम न्यायालय की पहली बैठक के उपलक्ष्य में आयोजित दूसरी वार्षिक व्याख्यान श्रृंखला के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) की न्यायाधीश हिलेरी चार्ल्सवर्थ का स्वागत किया।



