बस्तर में बोले राहुल, लोकसभा चुनाव दो विचारधारा की लड़ाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान की तारीख 19 अप्रैल को बस्तर लोकसभा क्षेत्र में होगा। इस दौरान, बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं का बस्तर दौरा चल रहा है ताकि वे जनता को अपनी पकड़ में कर सकें। दोनों पार्टियों के अनुभवी नेता चुनावी सभाओं में भाग लेकर बस्तर के आदिवासियों को आकर्षित करने में जुटे हैं। इस सिलसिले में, प्रधानमंत्री मोदी के बाद अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी चुनावी सभा में भाग लिया। वहीं, राजनाथ सिंह ने भी दंतेवाड़ा के गीदम में जनसभा को संबोधित किया।
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुये कहा कि आपके सामने चुनाव है दो विचारधारा की लड़ाई है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार आते ही जनगणना का कार्य शुरू होगा। वह घोषणा करते हैं कि महिलाओं को सरकारी नौकरी में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दोगुना वेतन मिलेगा। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत आबादी गरीब, अदिवासी और माइनॉरिटी समुदायों से है, लेकिन इनकी भागीदारी कहीं नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि मीडिया की बड़ी कंपनियों में दलित और आदिवासी का प्रतिनिधित्व नहीं है। वे कहते हैं कि पूरा देश एक वर्ग चला रहा है और सरकार को यह निर्णय लेने में सहायक बनाने वाले लोगों में आधिकारिक प्रतिनिधित्व की जरूरत है। उन्होंने जाति आधारित जनगणना की जरूरत को भी बताया।
इसके अलावा, राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता आदिवासियों के प्रति अपमानजनक व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो वे पांच काम करेंगे, जिसमें बेरोजगारी पर कदम उठाने, 30 लाख नौकरियों का सिर्फ एक्शन लेने, और मनरेगा की तर्ज पर अप्रेंटिसशिप का अधिकार देने जैसे उपाय शामिल हैं। उन्होंने बेरोजगारों को सरकारी क्षेत्र में एक साल की नौकरी के लिए प्रशिक्षण देने की भी घोषणा की है।



