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छत्तीसगढ़ में ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम की शुरुआत की तैयारी तेज, एमिटी यूनिवर्सिटी जल्द शुरू करेगी संचालन

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बाल अधिकारों के संरक्षण पर आधारित ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम को विश्वविद्यालयों में लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस क्रम में 17 जून 2025 को आयोग के 15वें स्थापना दिवस पर इस पाठ्यक्रम का औपचारिक विमोचन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों से हुआ था। विमोचन के बाद से आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा इस पाठ्यक्रम को विभिन्न विश्वविद्यालयों में संचालित करवाने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही हैं।

इसी क्रम में 30 जुलाई को रायपुर स्थित बाल आयोग कार्यालय में एमिटी यूनिवर्सिटी रायपुर के कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डेय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय प्रमुखों ने भाग लिया। बैठक के दौरान आयोग के सचिव प्रतीक खरे ने पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की, जबकि अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने पाठ्यक्रम के संचालन से जुड़ी शंकाओं व तकनीकी पहलुओं का समाधान किया।

लगभग दो घंटे चली इस बैठक के पश्चात एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. पाण्डेय ने पाठ्यक्रम की सराहना करते हुए इसे इसी शिक्षा सत्र से प्रारंभ करने की सहमति जताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जल्द ही इस आशय का एमओयू तैयार कर आयोग को भेजेगा और अनुमोदन प्राप्त होते ही पाठ्यक्रम का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।

बैठक में आयोग द्वारा विश्वविद्यालय को फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, इंटर्नशिप, केस स्टडीज़ और विशेषज्ञ वक्ताओं की सुविधा देने का आश्वासन भी दिया गया। इस अवसर पर एमिटी यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. प्रसन्न कुमार शर्मा, स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन की डायरेक्टर डॉ. वीणा, विधि संकाय के सहायक प्राध्यापक डॉ. आशीष प्रधान, मनोविज्ञान विभाग के डॉ. महेन्द्र कुमार और सहायक डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सुकृति चक्रवर्ती भी उपस्थित रहे।

बैठक के समापन पर आयोग की अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने बाल संरक्षण के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की इस सकारात्मक पहल के लिए आभार जताया और आशा व्यक्त की कि ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम छात्रों को सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराएगा और भविष्य में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा।


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