खास खबर: बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने 930 करोड़ की योजना, केंद्र से मिलेगा 60 फीसदी बजट

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी शहर के व्यस्त बाजारों के तारों काे एक दशक में अंडरग्राउंड नहीं कर सकी, लेकिन अब शहर के बाहरी क्षेत्र के लिए दस किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी योजना बनाई गई है। इस योजना में फुंडहर से तेलीबांधा, जयस्तंभ चौक होते हुए टाटीबंध तक के बिजली के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इस योजना में 930 करोड़ खर्च होंगे। योजना को राज्य सरकार से मंजूरी के बाद अब केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने पर केंद्र सरकार से योजना में 60 फीसदी मदद मिलेगी। 10 फीसदी मदद राज्य सरकार करेगी और बाकी का 30 फीसदी खर्च पॉवर कंपनी को करना पड़ेगा।
राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने के दिशा में कई काम हो रहे हैं। शहर के अंदर बिजली के तारों का जाल बिछा हुआ है। अलग-अलग योजनाएं बनाकर बिजली के तारों को हटाने की योजना पर काम हो रहा है। एक योजना पर स्मार्ट सिटी खुद काम कर रही है। इसमें बूढ़ा तालाब के चारों तरफ के तारों को अंडरग्राउंड करने का काम चल रहा है। इसके पहले स्मार्ट सिटी ने पॉवर कंपनी को आधा दर्जन से ज्यादा मार्गों के तारों को अंडरग्राउंड करने का काम दिया था, पर इसके टेंडर में गड़बड़ी के कारण पावर कंपनी से स्मार्ट सिटी ने पैसे वापस भी ले लिए हैं। अब इस पर स्मार्ट सिटी खुद काम करेगी। इधर पॉवर कंपनी भी अपनी योजनाओं पर काम कर रही है।
बड़ी और लंबी योजना
पॉवर कंपनी ने एक बड़ी और लंबी योजना तैयार की है। इस योजना में वीआईपी रोड फुंडहर चौक से लेकर टाटीबंध तक तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इस मार्ग में फुंडहर से राम मंदिर के पास वीआईपी चौक से तेलीबांधा, मरीन ड्राइव, भगत सिंह चौक, नगर घड़ी, शास्त्री चौक, जयस्तंभ चौक, तात्यापारा चौक, आजाद चौक, रविशंकर विश्वविद्यालय, महोबा बाजार होते हुए टाटीबंध चौक तक के पूरे मार्ग के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इसका पूरा डीपीआर तैयार हो गया है। योजना को राज्य सरकार ने मंजूरी भी दे दी है। राज्य सरकार से मंजूरी का मतलब यह है कि वह इस योजना के लिए दस फीसदी मदद देने के लिए तैयार है। अब केंद्र सरकार से मंजूरी के बाद योजना प्रारंभ होगा। लेकिन केंद्र सरकार योजना के बजट में कटौती भी कर सकती है। वहां से जितने की योजना मंजूर होगी उसके हिसाब से टेंडर करके काम किया जाएगा।



