पावर कंपनियां होंगी नया रायपुर शिफ्ट

एनआरडीए से ली चार हजार वर्ग मीटर जमीन
रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी की तीनों कंपनियों को नवा रायपुर ले जाने के लिए एनआरडीए से पावर कंपनी ने चार हजार वर्ग मीटर जमीन ली है। कंपनी की पहले से वहां पर छह हजार वर्ग मीटर जमीन है। कुल मिलाकर दस हजार वर्ग मीटर में भवन बनाकर कंपनियों को नवा रायपुर ले जाया जाएगा। इसके पहले पावर कंपनियों को शिफ्ट करने के लिए एनआरडीए से भवन लिया जा रहा था, लेकिन इसका विरोध होने पर यह मामला तो लटक गया लेकिन अब नए सिरे से वहां पर जमीन लेकर कंपनियों को नया भवन बनाकर शिफ्ट किया जाएगा। डीपीआर बनाने के लिए अब सलाहकार नियुक्त करने की भी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके लिए टेंडर भी हाे गया है।
पावर कंपनी का मुख्यालय लंबे समय से डगनिया में है। करीब दो साल पहले एनआरडीए काे संकट से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने रायपुर के कुछ दफ्तरों को नया रायपुर में शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। इसमें सबसे अहम पावर कंपनी की दो कंपनियों का नाम सामने आया था। इसके लिए एनआरडीए से नया रायपुर के भवन में करीब दस हजार वर्ग फीट का भवन किराए से लेने की तैयारी थी। इसमें कंपनियों के दफ्तरों को शिफ्ट किया जाना था। लेकिन जब पावर कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को इसका जानकारी हुई तो इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया। ऐसा होने पर इस मामले को रद्द कर दिया गया।
अब नया भवन बनेगा
अब एक बार फिर से पावर कंपनी की तीनों कंपनियों को नया रायपुर में ले जाने की तैयारी प्रारंभ हो गई है। इसके लिए अब वहां पर एनआरडीए से भवन में स्थान न लेकर उससे सेक्टर 24 में जमीन ली गई है। इस सेक्टर में पावर कंपनी की पहले से ही एक जमीन है एक और जमीन ली गई है ताकि तीनों कंपनियों के दफ्तर वहां पर शिफ्ट करने में परेशानी न हो। इसके लिए लंबा समय लगेगा क्योंकि तीनों कंपनियों के लिए वहां पर दफ्तर बनाए जाएंगे। दफ्तर किस तरह के और कैसे होंगे इसको लेकर सलाहकार नियुक्ति करने का काम किया जा रहा है। इसका टेंडर हो गया है। जो कंपनी काम लेगी, वह पूरा डीपीआर बनाकर ड्राइंग डिजाइन के साथ बनाकर देगी।
करोड़ों की है मुख्यालय की पुरानी जमीन
डगनिया के मुख्यालय की जमीन करोड़ों की है। पहले जब कंपनियों को शिफ्ट करने की तैयारी थी, तब यह बात सामने आ रही थी कि यहां की जमीन को बेचकर यहां पर कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी है। अब एक बार फिर से यही चर्चा हो रही है कि जब पावर कंपनी का मुख्यालय नया रायपुर शिफ्ट हो जाएगा तो पुरानी जमीन का क्या उपयोग होगा।



