थोक और चिल्हर सराफा कारोबारियों में कमाई के मामले में ठनी
रायपुर(realtimes) राजधानी रायपुर के साथ छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबारियों में कमाई काे लेकर ठन गई है। दरअसल मामला यह है कि बाहर के थोक कारोबारी यहां के चिल्हर कारोबारियों को भी सीधे चांदी के आभूषण बेच देते हैं। ऐसा होने से थोक कारोबारियों की कमाई पर असर पड़ रहा है। यह बात थोक कारोबारियों को रास नहीं आ रही है। ऐसे में थोक कारोबारियों ने छत्तीसगढ़ सिल्वर होलसेल एसोसिएशन का गठन करके देश भर के सप्लायर्स एवं मेन्युफेक्चरर्स को पत्र लिखकर चिल्हर कारोबारियों को सीधे माल न बेचने के लिए कहा है। इस बात को लेकर चिल्हर कारोबारी विरोध में उतर आए हैं।
रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने बताया, छत्तीसगढ़ सराफा के कुछ व्यापारियों, रिटेल व होलसेल निर्माता एवं छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के कुछ व्यापारियों ने नवीन संस्था छत्तीसगढ़ सिल्वर होलसेल एसोसिएशन का गठन किया है। एसोसिएशन गठन के बाद पत्र लिखकर सप्लायर्स एवं मेन्यफेक्चरर्स से कहा है, सभी होलसेल व्यापारियों की शिकायत आ रही है कि मेन्युफेक्चरर्स एवं सप्लायर्स द्वारा सीधे चिल्हर व्यापारियों को माल विक्रय किया जा रहा है, जो कि अनुचित एवं व्यापारिक दृष्टिकोण से अव्यवहारिक है। थोक व्यापारियों ने मीटिंग कर सप्लायर एवं मेन्युफेक्चरर्स द्वारा रिटेल व्यापारियों से सीधे व्यापारिक संबंध को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया है। इस निर्णय और प्रतिबंध पर श्री मालू एवं सराफा से जुड़े व्यावसायियों का कहना है, बाहर के व्यापारियों को दबावपूर्वक रिटेल आपूर्ति के लिए प्रतिबंध लगाया गया है जो की पूर्णत: अनुचित एवं अवैधानिक है। किसी भी प्रकार के व्यवसाय में इस तरह का प्रतिबंध व्यापार के नियमों के विपरीत है और इससे आम व्यापारियों की सप्लाई चैन टूटने का डर है जो कि व्यापार हित में सरकार के द्वारा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर कुठाराघात है। आम सराफा व्यापारी इसके विरुद्ध लामबंद भी हो रहे हैं।
इन राज्याें से आते हैं चांदी के आभूषण
श्री मालू ने बताया, देश के प्रमुख बाजारों जैसे राजकोट, मथुरा, आगरा, सेलम, कोल्हापुर, मुंबई आदि शहरों से चांदी के आभूषण छत्तीसगढ़ में आते हैं। छत्तीसगढ़ के छोटे- बड़े व्यापारी चांदी के आभूषणों की आपूर्ति रिटेल एवं होलसेल दोनों तरह के व्यवसाय में करते हैं।
चिल्ह वालाें काे ही बेचें हम नहीं लेंगे माल
छत्तीसगढ़ सिल्वर होलसेल एसोसिएशन के संरक्षक और प्रमुख सलाहकार उत्तमचंद गोलछा का कहना है, हमारे एसोसिएशन ने किसी भी थोक कारोबारी या उत्पादक काे बाध्य नहीं किया है कि वाे चिल्हर कारोबारियों से अपना कारोबार न करें। लेकिन जो चिल्हर कारोबारियों से कारोबार करेंगे, उससे हम थोक कारोबारी कारोबार नहीं करेंगे।



