तीन कलस्टर में बांटी 11 लोकसभा, कमजोर सीटों को मजबूत करने की बनी रणनीति - realtimes
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तीन कलस्टर में बांटी 11 लोकसभा, कमजोर सीटों को मजबूत करने की बनी रणनीति

प्रदेश भाजपा की बैठक में बनी सभी लोकसभा सीटें जीतने पर बड़ी रणनीति
बंद कमरे में साय मंत्रिमंडल, सभी सांसद, चुनिंदा विधायक, पदाधिकारियों के साथ छह घंटे तक मंथन

रायपुर. भाजपा ने छत्तीसगढ़ में लोकसभा की सभी 11 सीटें जीतने की कवायद प्रारंभ कर दी है। राजधानी रायपुर में प्रदेश भाजपा की बड़ी बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके पूरे मंत्रिमंडल, सभी सांसदों, चुनिंदा विधायक और प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ छह घंटों तक बंद कमरे में मंथन किया। इसमें 11 लोकसभाओं को तीन कलस्टर में बांटा गया है। अब अलग-अलग कलस्टर के लिए जिम्मेदारी तय होगी। सभी से सुझाव भी लिए गए और तय किया है कि जो लोकसभा कमजोर पर उस पर फोकस करते हुए उसको मजबूत किया जाएगा।
प्रदेश में एक बार फिर से भाजपा की सरकार बन गई है। अब भाजपा का पूरा फोकस लोकसभा चुनाव पर है। इस बार भाजपा का लक्ष्य सभी 11 सीटें जीतने का है। इसको लेकर पहले दिल्ली में मंथन हुआ और अब लगातार राजधानी रायपुर में बैठकों का दौर चल रहा है। इस कड़ी में शुक्रवार को एक बड़ी बैठक हुई। पहली बार भाजपा की इस बैठक को ठाकरे परिसर से अलग जैनम भवन में किया गया। इस बैठक में करीब तीन दर्जन नेताओं को ही एंट्री दी गई बाकी को बैठक से अलग रखा गया।
ऐसे बांटे तीन कलस्टर
प्रदेश में लोकसभा की 11 सीटें हैं। इनको तीन कलस्टर में बांटा गया है। एक कलस्टर बस्तर का है। दूसरा रायपुर और तीसरा बिलासपुर का है। बस्तर के कलस्टर में बस्तर और कांकेर लोकसभा है। इसमें से बस्तर की सीट कांग्रेस के पास है। बिलासपुर कलस्टर में बिलासपुर संभाग के साथ सरगुजा संभाग की भी सीटें हैं। बिलासपुर में चार सीटें बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और जांजगीर चांपा की सीटें हैं। इसमें से कोरबा की सीट कांग्रेस के पास है। इसी के साथ सरगुजा में एकमात्र सीट सरगुजा की है। रायपुर संभाग में रायपुर के अलावा महासमुंद की सीट और दुर्ग संभाग में दुर्ग के अलावा राजनांदगांव की सीट है। ये सभी सीटें भाजपा के पास हैं। अब इन कलस्टरों में सीटों के हिसाब से काम होगा कि कौन सी सीट कमजोर है और कौन सी सीट मजबूत है। कलस्टर में जिनको जिम्मेदारी दी जाएगी, उनकी बैठकें राष्ट्रीय नेताओं के साथ होगी।
मांगे सुझाव, पूछा क्या करना चाहिए
बैठक में जिन चुनिंदा नेताओं को बुलाया गया था, उनसे जहां सुझाव मांगे गए वहीं यह भी पूछा गया कि जीतने के लिए क्या करना चाहिए। सामने मंच पर राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, प्रदेशाध्यक्ष किरन देव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय पांडा थे। बाकी सारे नेताओं को सामने बिठाया गया था। एक-एक करके सबसे वन टू वन बात की गई और उनके सुझाव सुने गए। सुझावों में जहां एक तरफ प्रदेश की भाजपा सरकार में मोदी की गारंटी को पूरा करने के सुझाव सामने आए, वहीं केंद्र सरकार की योजनाओं की आम जनता तक जानकारी देने की भी बात की गई।
कमजोर लोकसभा का पैमाना
बैठक में चर्चा में यह बात सामने आई कि आखिर किस लोकसभा को कमजोर माना जाए। ऐसे में सबकी इस बात पर सहमति बनी कि विधानसभा चुनाव में जिन लोकसभाओं में कम विधानसभाओं में जीत मिली और वोट का प्रतिशत भी कम रहा उनको कमजोर मानकर इन लोकसभाओं पर ज्यादा फोकस करते हुए इनको मजबूत करने का काम किया जाए।
ये रहे उपस्थित
बैठक में प्रदेश के सहप्रभारी नितिन नवीन, प्रदेश सरकार के दोनों डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, ओपी चौधरी, रामविचार नेताम, केदार कश्यप, दयालदास बघेल, टंकराम वर्मा, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े सारे सांसद, चुनिंदा विधायकों में धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर, राजेश मूणत के साथ ही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण सिंह चंदेल और प्रदेश संगठन के कुछ पदाधिकारी उपस्थित थे।

कार्ययोजना तय : किरण देव
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा, लोकसभा चुनाव को लेकर कार्य योजना तैयार हुई। आने वाले दिनों में जमीन पर इसका क्रियान्वयन दिखाई देगा। केंद्र सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाया जाएगा। वरिष्ठ विधायक और भाजपा के प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कहा, लोकसभा को जीतने की दृष्टि से कार्य योजना बनी है। मोदी की गारंटी पर तेजी से क्रियान्वयन करना है। संगठन के समयबद्ध कार्यक्रम तय हुए हैं। आने वाले दिनों में हर संभाग में बैठक होगी। पूरा रोड मैप चुनाव को जीतने की दृष्टि से बन गया है।

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