रांची से उठी बगावत की गूंज

रांची। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ पिछले दो हफ्तों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच भूख हड़ताल पर बैठे छात्र राहुल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद डॉक्टर उन्हें अस्पताल ले गए। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि राहुल कई दिनों से आमरण अनशन पर थे और उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी।
दो हफ्तों से जारी है छात्रों का आंदोलन
रांची में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक छात्र की तबीयत का मामला नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही नाराजगी का परिणाम है। उनका कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
चार दिन से आमरण अनशन पर थे राहुल
प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, राहुल पिछले चार दिनों से बिना खाना और पानी लिए आमरण अनशन पर बैठे थे। इसी कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। छात्रों का कहना है कि राहुल ने कई प्रतियोगी परीक्षाएं दीं। उन्होंने सहायक शिक्षक परीक्षा भी पास की, लेकिन भर्ती के बावजूद नियुक्ति नहीं मिली।
छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार में बैकडोर से सेटिंग हुई और मेहनत करने वाले अभ्यर्थी पीछे रह गए।
राहुल गांधी से समर्थन मिलने का दावा
छात्रों का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी बात की है। उनके मुताबिक राहुल गांधी ने उनकी मांगों का समर्थन किया है। अब प्रदर्शनकारी उनसे मुलाकात के लिए समय मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
सविता ने बयां किया संघर्ष
प्रदर्शन में शामिल 27 वर्षीय सविता ने कहा कि उनके पिता ने संघर्ष करके उन्हें पढ़ाया, लेकिन अब घर लौटना मुश्किल लग रहा है। उनका कहना है कि उम्र बीत रही है, मेहनत करने के बावजूद सिस्टम निराश करता है।
छात्र नेता बोले- सिस्टम बदलना जरूरी
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उनकी सेहत लगातार खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि वह मुश्किल से सुन, सोच और बोल पा रहे हैं। उन्होंने सरकार के रवैये को छात्रों के प्रति असंवेदनशील बताया और कहा कि वे ऐसा सिस्टम चाहते हैं, जिसमें धांधली और पेपर लीक की कोई गुंजाइश न रहे।
स्थानीय लोगों का मिल रहा समर्थन
रांची में चल रहे इस आंदोलन को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। मदद के लिए लोग ऑनलाइन और नकद दोनों तरह से सहयोग की पेशकश कर रहे हैं, लेकिन छात्रों ने पैसे लेने से इनकार किया है। स्थानीय दुकानदार भी उनकी हरसंभव मदद कर रहे हैं।
खराब मौसम को देखते हुए प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए सीजेपी की ओर से रेनकोट भेजे गए हैं। संगठन का नेतृत्व भी रांची पहुंचने वाला है।


