सपा से किसी नियम और शिष्टाचार की उम्‍मीद करना 'कपोल कल्पना’ : Yogi Adityanath - realtimes
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सपा से किसी नियम और शिष्टाचार की उम्‍मीद करना 'कपोल कल्पना’ : Yogi Adityanath

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन राज्‍य की मुख्‍य विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) द्बारा आयोजित 'पैदल मार्च' पर तंज कसते हुए कहा कि सपा से किसी नियम और शिष्टाचार की उम्‍मीद करना 'कपोल कल्पना है। सोमवार को सदन की शुरुआत से पहले विधान भवन के बाहर योगी आदित्यनाथ से जब पत्रकारों ने सपा के पैदल मार्च को अनुमति देने के बारे में पूछा तो उन्‍होंने कहा कि ''किसी भी दल को, किसी भी व्यक्ति को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में कोई बुराई नहीं है। नियमानुसार अगर उन्‍होंने (सपा) कोई अनुमति मांगी होगी, तो पुलिस उन्हें सुरक्षित और सही मार्ग अवश्य देगी, अनुमति भी देगी, इसमें कोई संदेह नहीं है।''

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ''लेकिन यह संबंधित और जिम्मेदार नागरिक, संगठन और राजनीतिक दलों का नैतिक दायित्व बनता है कि वे अपने किसी आंदोलन या जुलूस के लिए नियमानुसार अनुमति मांगे। बिना लोक व्यवस्था को भंग किए उस कार्यक्रम को निर्विघ्न संपन्न कराने का दायित्व प्रशासन का है।'' हालांकि, इसके आगे मुख्‍यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि मुझे लगता है कि समाजवादी पार्टी से यह उम्‍मीद करना कि वह किसी नियम को मानेगी किसी शिष्टाचार निभाएगी, यह कपोल कल्पना ही कही जा सकती है।''

सोमवार को विधानसभा सत्र की शुरुआत पर सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सभी विधायकों के साथ महंगाई, बेरोजगारी, बदहाल कानून-व्यवस्था और किसान, महिला व युवा उत्पीड़न जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर सपा मुख्यालय से विधानसभा तक 'पैदल मार्च' का ऐलान किया था। हालांकि, पुलिस ने बीच रास्ते में ही सपा प्रमुख यादव समेत उनके विधायकों को रोक दिया जिसके विरोध स्वरूप वह धरने पर बैठ गये, बाद में उनका धरना समाप्त हो गया।

पत्रकारों से बातचीत में योगी आदित्यनाथ ने विधानमंडल के मानसून सत्र की कार्यवाही में भाग लेने आ रहे सभी सदस्यों का हृदय से स्वागत करते हुए कहा कि ''उत्तरप्रदेश की 25 करोड़ जनता के जनाकांक्षा और अपेक्षा को सदन में रखकर उन समस्याओं के माध्‍यम से आम जन की संवेदना के साथ अपनी संवेदना को जोड़ने का एक अवसर सभी सदस्यों को मिलेगा।'' उत्तर प्रदेश के विधानमंडल को देश का सबसे बड़ा विधान मंडल बताते हुए मुख्‍यमंत्री ने कहा कि '' स्वाभाविक रूप से लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्शों पर विश्वास करने वाले सभी नागरिकों को उत्तर प्रदेश विधान मंडल की कार्यवाही का इंतजार होता है और वे बड़े विश्वास के साथ यहां पर होने वाली उन सभी चर्चाओं का हिस्सा बनकर गौर से देखते हैं।''

योगी ने दावा किया कि 25 करोड़ की आबादी के हितों के लिए डबल इंजन की सरकार बिना भेदभाव के कार्य कर रही है और समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान कर रही है। उन्‍होंने कहा कि विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए भी उत्तर प्रदेश के अंदर अभाव और अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि सभी मुद्दों पर चर्चा का बेहतरीन माध्यम सदन है। उन्होंने कहा कि कल सरकार ने दलीय नेताओं को स्पष्ट रूप से कहा कि हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है; माननीय सदस्यों द्बारा, विपक्ष द्बारा उठाए जाने वाले किसी भी मुद्दे पर जवाब देने को सदन तैयार है। उन्‍होंने भरोसा जताया कि सदन में प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए योजना बनेगी। योगी ने कहा कि हमारे पीठासीन अधिकारियों ने 22 सितंबर का दिन सभी महिला सदस्यों के लिए महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर चर्चा के लिए रखा है।

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