
रायपुर(realtimes) केंद्र सरकार लगातार आम आदमी काे झटके पर झटके देने का काम कर रही है। एक तरफ महंगाई है कि थमने का नाम नहीं ले रही है, वहीं आम आम आदमी काे मिलने वाली सुविधाओं में भी लगातार कटौती हाे रही है। अब देश में ई-बाइक की बिक्री की रफ्तार पर केंद्र सरकार की सब्सिडी कम होने का ब्रेक लग गया है। करीब 20 फीसदी तक बिक्री कम हो गई है। आने वाले समय में बिक्री में और कमी की संभावना जताई जा रही है। ई-बाइक पर पहले एक किलो वॉट पर 15 हजार की सब्सिडी दी जा रही थी। इसको घटाकर जहां 10 हजार कर दिया गया है, वहीं बाइक की कीमत के हिसाब से पहले जो सब्सिडी 40 प्रतिशत तक थी, उसको कम करके 15 प्रतिशत कर दिया गया है।
पेट्रोल के लगातार बढ़ते दाम के कारण इसके विकल्प के रूप में ई-बाइक चल रही है। इसको खरीदने वालों को जहां केंद्र सरकार की तरफ से सब्सिडी मिल रही है, वहीं अपने राज्य में राज्य सरकार भी सब्सिडी दे रही है। डबल सब्सिडी के कारण प्रदेश में ई-बाइक की तरफ लोगों को रुझान लगातार बढ़ने लगा था, और हर माह डेढ़ से दो हजार बाइक बिकने लगी थी, लेकिन अब इसकी बिक्री की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है, इसका कारण यह है कि केंद्र सरकार ने सब्सिडी में कटौती कर दी है।
अब 35 हजार तक महंगी
केंद्र सरकार अब तक जो सब्सिडी दे रही थी उसमें प्रति किलो वॉट पर 15 हजार दिए जा रहे थे। ऐसे में तीन किलो वॉट वाली बाइक पर 45 हजार मिल जाते थे। लेकिन अब इसको घटाकर 10 हजार रुपए प्रति किलो वॉट कर दिया गया है, लेकिन ऐसा होने से तीन किलो वॉट की बाइक पर 30 हजार नहीं मिल सकेंगे, क्योंकि कीमत में पहले जो 40 फीसदी तक सब्सिडी मिलती थी, उसे घटाकर 15 फीसदी कर दिया गया। ऐसा होने से डेढ़ लाख की बाइक पर अब 22 हजार पांच सौ ही मिल सकेंगे। यानी 23 हजार अब ज्यादा देने पड़ेंगे। इसी तरह से 4 किलो वाॅट की बाइक पर 60 हजार मिलते थे, लेकिन 1.60 लाख वाली ऐसी बाइक पर 15 फीसदी के हिसाब से 24 हजार ही मिल सकेंगे। ऐेसे में अब 36 हजार ज्यादा देने पड़ेंगे। कम कीमत वाली बाइक पर थोड़ा कम झटका लगेगा। एक लाख वाली बाइक में अगर दो किलो वॉट की बैटरी लगी है तो इसमें 15 हजार की सब्सिडी मिल जाएगी, पहले इसमें 30 हजार मिलते थे।
घटने लगा रुझान
प्रदेश में ई-बाइक की तरफ लोगों का लगातार रुझान बढ़ रहा था, लेकिन अब सब्सिडी में कटौती से लोगों को रुझान कम होने लगा है। राजधानी ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक गर्ग के मुताबिक अब तक 20 फीसदी बिक्री प्रभावित हो गई है। ई-बाइक के कारोबारियों का कहना है, प्रदेश में हर माह डेढ़ से दो हजार तक ई-बाइक बिकने लगी थी, लेकिन सब्सिडी कम होने से लोग अब खरीदारी करने से बच रहे हैं।



