SBI ATM चार्ज से लेकर LPG और रेलवे तक, बदल गए ये 10 बड़े नियम; जानिए आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर?

नई दिल्ली। अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही बैंकिंग, LPG, NPS, इनकम टैक्स, UPI और रेलवे से जुड़े कई नियमों में बदलाव हुआ है। इनमें कुछ नियम 1 अक्टूबर से लागू हो चुके हैं, जबकि UPI से जुड़ा बदलाव महीने के बीच में लागू होगा। वहीं दिल्ली-NCR में बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन देने को लेकर भी नई व्यवस्था शुरू की गई है। ऐसे में बैंक खाते, गैस कनेक्शन, निवेश और ट्रेन यात्रा से जुड़े लोगों के लिए इन बदलावों को जानना जरूरी है।
SBI ATM से मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा घटी
SBI के सैलरी पैकेज अकाउंट रखने वाले ग्राहकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM इस्तेमाल करने के नियम बदल गए हैं। 1 अक्टूबर से ऐसे ATM पर मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा 10 से घटाकर 5 कर दी गई है। इसमें कैश निकालने के साथ नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन भी शामिल हैं। तय सीमा पूरी होने के बाद दूसरे बैंक के ATM से कैश निकालने पर 23 रुपये और GST, जबकि नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर 11 रुपये और GST देना होगा। BSBD खातों में पहले 4 कैश निकासी मुफ्त रहेंगी, इसके बाद प्रत्येक निकासी पर 15 रुपये और GST का शुल्क लगेगा।
LPG सब्सिडी के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी
घरेलू LPG ग्राहकों के लिए भी 1 अक्टूबर से नया नियम लागू हुआ है। सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर का लाभ लेने के लिए पात्र ग्राहकों को बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा। जिन ग्राहकों का ऑथेंटिकेशन पहले ही हो चुका है, उन्हें इसे दोबारा कराने की जरूरत नहीं होगी। यह प्रक्रिया गैस डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के शोरूम या संबंधित कंपनी के मोबाइल ऐप से पूरी की जा सकती है।
UPI पर 15 अक्टूबर से बदलेगा चार्ज का नियम
UPI से जुड़े बदलाव की शुरुआत 1 अक्टूबर से नहीं, बल्कि 15 अक्टूबर से होगी। नए प्रावधान के तहत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ Person-to-Merchant यानी P2M भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह शुल्क मर्चेंट पेमेंट सिस्टम में लिया जाएगा और ग्राहक से अलग से MDR वसूलने का प्रावधान नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेगा। 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट भी इस शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे।
NPS में बदला PoP चार्ज स्ट्रक्चर
NPS खाताधारकों के लिए भी 1 अक्टूबर से शुल्क व्यवस्था में बदलाव हुआ है। PoP के जरिए नया NPS खाता खोलने पर प्रति PRAN 200 रुपये का वन-टाइम ऑनबोर्डिंग चार्ज तय किया गया है। इस राशि को एक साथ लेने के बजाय 50-50 रुपये की तिमाही किस्तों में यूनिट कैंसिलेशन के जरिए वसूला जा सकता है। पूरी तरह डिजिटल और नॉन-फेस-टू-फेस प्रक्रिया से खाता खोलने पर 100 रुपये का चार्ज लागू हो सकता है। इसके अलावा नॉन-डॉर्मेंट खाते पर सालाना 0.20 प्रतिशत AUM चार्ज का प्रावधान है।
NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत नहीं
NRI से संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और HUF के लिए भी प्रक्रिया आसान की गई है। 1 अक्टूबर से ऐसे मामलों में खरीदार को अलग TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। अब PAN के आधार पर नया Form 141 इस्तेमाल किया जा सकेगा। हालांकि संपत्ति खरीद पर लागू TDS की जिम्मेदारी बनी रहेगी, सिर्फ इसे जमा करने और रिपोर्ट करने का तरीका बदला है।
टैक्स ऑडिट और ITR की तारीख बढ़ी
टैक्सपेयर्स को भी इस बार राहत मिली है। AY 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। वहीं संबंधित टैक्सपेयर्स के लिए ITR दाखिल करने की समयसीमा 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है।
बड़े FD की ब्याज दरों में ज्यादा पारदर्शिता
बैंक ग्राहकों के लिए बल्क डिपॉजिट से जुड़ी जानकारी भी अब ज्यादा स्पष्ट तरीके से उपलब्ध होगी। 1 अक्टूबर से लागू नए नियमों के तहत बैंकों को बड़े फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें अपनी वेबसाइट पर हर कामकाजी दिन सुबह 10 बजे तक प्रकाशित करनी होंगी। इसके लिए 10 मिनट की ग्रेस अवधि भी रखी गई है। समान रकम और समान तारीख वाले बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग शाखाओं में अलग दर रखने की गुंजाइश भी सीमित की गई है।
रेलवे में टिकट और ओरिजिनल ID की जांच
रेलवे ने 1 से 31 अक्टूबर तक विशेष टिकट जांच अभियान शुरू किया है। इस दौरान कंसेशन टिकट, रिजर्वेशन कोटा, रेलवे पास, E-Pass और PTO से यात्रा करने वाले यात्रियों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यात्रियों को अपने टिकट के साथ निर्धारित ओरिजिनल ID और पात्रता से जुड़े जरूरी दस्तावेज रखने होंगे। ग्रुप टिकट पर यात्रा करने की स्थिति में कम से कम एक यात्री के पास संबंधित ओरिजिनल ID होना जरूरी बताया गया है।
दिल्ली-NCR में बिना PUCC नहीं मिलेगा ईंधन
दिल्ली-NCR में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी 1 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू की गई है। वैध Pollution Under Control Certificate यानी PUCC के बिना वाहनों को पेट्रोल, डीजल और CNG देने पर रोक रहेगी। इसके लिए फ्यूल और CNG स्टेशनों पर नंबर प्लेट की पहचान करने वाली तकनीक के जरिए वाहनों की निगरानी की जाएगी। दिल्ली के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी की गई है। इसके साथ पुराने वाहनों और प्रदूषण वाले इलाकों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
आपकी जेब पर कहां पड़ेगा असर?
अक्टूबर में हुए इन बदलावों का असर अलग-अलग लोगों पर अलग तरीके से पड़ेगा। ATM का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले SBI ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। LPG सब्सिडी लेने वाले ग्राहकों के लिए आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। NPS खाताधारकों के शुल्क ढांचे में बदलाव हुआ है, जबकि टैक्सपेयर्स को रिटर्न और ऑडिट की बढ़ी हुई समयसीमा का लाभ मिलेगा। UPI में बड़ा बदलाव 15 अक्टूबर से प्रभावी होगा, जबकि दिल्ली-NCR में वाहन चालकों के लिए वैध PUCC रखना जरूरी होगा।


