पारस पोर्टल से योजनाओं की मॉनिटरिंग: CM साय ने अफसरों को दिए समयबद्ध काम के निर्देश

एग्रीस्टैक में हर पात्र किसान का पंजीयन, बाढ़ प्रभावितों को जल्द राहत और PM सूर्य घर योजना में तेजी के निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के जरिए प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी है, जब वह समय पर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। लापरवाही और अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
एग्रीस्टैक में हर पात्र किसान का पंजीयन
CM ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का 100% पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसे केवल धान खरीदी से जोड़कर न देखा जाए, बल्कि यह किसानों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण डिजिटल माध्यम है। जिलों में विशेष अभियान चलाकर लंबित पंजीयन और DCS से जुड़े काम पूरे करने को कहा गया।
डिजिटल फसल सर्वेक्षण में पीछे चल रहे जिलों को भी समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। पात्र किसान किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए जवाबदेही तय करने को कहा गया।
बाढ़ प्रभावितों का जल्द सर्वे, PM सूर्य घर में तेजी
बैठक में बताया गया कि भारी बारिश और बाढ़ से 17 जिलों के 500 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने मकान, पशुधन, अनाज और अन्य संपत्तियों की क्षति का सर्वे जल्द पूरा कर पात्र परिवारों तक राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। राहत और स्वास्थ्य शिविरों में पेयजल की व्यवस्था तथा हैंडपंपों के क्लोरीनीकरण पर भी जोर दिया।
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में वेंडरों की संख्या बढ़ाने, सोलर दीदियों को प्रोत्साहित करने और हितग्राहियों के लिए ऋण प्रक्रिया आसान बनाने के निर्देश दिए गए।
सड़क-पुलों के काम में अड़चनें दूर करें
साय ने सड़क, पुल-पुलिया और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लंबित कार्यों की परियोजनावार समीक्षा की। भूमि और वन विभाग की अनुमति जैसी बाधाओं को अंतर्विभागीय समन्वय से तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सेवा सेतु और CM हेल्पलाइन के मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि हर माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल से प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए।



