भाजपा के प्रत्याशियों की दूसरी सूची आएगी रक्षाबंधन से पहले

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ में इस साल हाेने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने एक और सूची लाने की पूरी तैयारी कर ली है। कल दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद रक्षाबंधन के पहले ही दूसरी सूची का ऐलान हाे जाएगा। बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश के नाेता आज दिल्ली जाएंगे।
भाजपा ने कांग्रेस की पहली सूची जारी होने से पहले ही अपनी दूसरी सूची जारी करने की तैयारी की है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने के तीन माह पहले ही 21 विधानसभाओं के प्रत्याशी घोषित करके सबको चौंका दिया है। इन 21 सीटों में से 19 सीटें ऐसी हैं जहां पर भाजपा दो बार या इससे ज्यादा बार नहीं जीत सकी है। इसी के साथ मरवाही और खरसिया की सीट ऐसी है, जहां पर भाजपा को कभी जीत नहीं मिली है। इसी के साथ सीतापुर, कोंटा, कोटा और पाली तानाखार की सीटें भी ऐसी हैं, जहां पर भाजपा का जीत का खाता नहीं खुला है। इन चार सीटों के साथ कुछ और सीटों पर भी भाजपा के प्रत्याशियों का ऐलान इस माह के अंत तक कर दिया जाएगा। कांग्रेस ने अपनी पहली सूची का ऐलान 2 सितंबर को करने की संभावना जताई है।
कांग्रेस की भी चल रही कवायद
छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के बाद कांग्रेस भी अपने प्रत्याशियों का ऐलान करने की कवायद में जुट गई है। कांग्रेस में आवेदन लेने का सिलसिला समाप्त हाे गया है। अब प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इधर भाजपा का राष्ट्रीय संगठन प्रत्याशियों को लेकर बहुत गंभीर है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के साथ ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह का भी छत्तीसगढ़ पर फोकस है। श्री शाह ने तो यहां की चुनावी कमान अपने हाथ में ले ली है। ऐसे में उनकी चौंकाने वाली रणनीति के परिणाम भी सामने आ रहे हैं। पहला चौंकाने वाला परिणाम 21 सीटों पर अभी से प्रत्याशियों का ऐलान होना रहा है। अब एक और सूची की कवायद चल रही है।
सर्वे कर जुटाई जानकारी
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने छत्तीसगढ़ की एक-एक विधानसभा की पूरी जानकारी जुटाने का काम किया है। इसके लिए जहां राष्ट्रीय संगठन ने अपने स्तर पर दो सर्वे करवाएं, वहीं अमित शाह की टीम ने अलग से सर्वे किया। इसी के साथ आईबी की टीम ने भी एक सर्वे किया। इसके अलावा प्रदेश संगठन का भी एक सर्वे हुआ है। सारे सर्वे के आधार पर ही अब फैसले हो रहे हैं। एक और बड़ा काम भाजपा ने दूसरे राज्यों के विधायकों को यहां की विधानसभाओं में भेजने का किया है। ये विधायक 28 अगस्त तक विधानसभाओं में रहकर राष्ट्रीय संगठन को रिपोर्ट देंगे।
अब नजरें इन सीटों पर
भाजपा ने सर्वे करके यह जानने का प्रयास किया है कि किस विधानसभा में क्या स्थिति है। इसके बाद सभी विधानसभाओं को चार वर्गों में बांटा गया है। इसमें डी वर्ग में उन विधानसभाओं को रखा गया है जहां पर पार्टी को छत्तीसगढ़ बनने के बाद से अब तक जीत नहीं मिली है। ऐसी सीटों में आधा दर्जन सीटें शामिल हैं। इनमें से दो सीटें मरवाही और खरसिया के लिए तो प्रत्याशियों का ऐलान हाे चुका है, अब बची चार सीटों पर भी प्रत्याशियों का ऐलान करने की तैयारी है। इन सीटों के साथ-साथ और भी कुछ ऐसी सीटों के प्रत्याशी भी घोषित किए जा सकते हैं, जहां पर इस समय भाजपा के विधायक नहीं हैं और जहां पर बहुत कम अंतर से हार मिली है।



