भाजयुमो के बड़े आंदोलन के बाद प्रदेशाध्यक्ष अमित साहू की कुर्सी बचेगी या अब भी जाएगी

रायपुर(realtimes) भाजयुमो के हल्ला बोल के बड़े आंदोलन को भाजपा के सारे बड़े नेता सराहा रहे हैं। हर कोई इस आंदोलन को अब तक के इतिहास का सबसे सफल आंदोलन बता रहा है। ऐसे में अब सवाल उठने लगा है कि भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष अमित साहू की कुर्सी जाएगी या बचेगी, क्योंकि भाजपा में बदलाव की बयार में तीसरा नंबर भाजयुमो अध्यक्ष के बदलने का ही लिया जा रहा था।
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने मिशन 2023 में सफलता पाने के लिए प्रदेश में संगठन में बड़े बदलाव का फैसला किया है। इसके पहले चरण में सबसे पहले प्रदेशाध्यक्ष बदला गया और कमान बिलासपुर के सांसद अरूण साव को सौंपी गई। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष को बदला गया और धरमलाल कौशिक के स्थान पर जांजगीर चांपा के विधायक नारायण सिंह चंदेल को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। इन दो बदलाव के बाद तीसरे नंबर में भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष अमित साहू को बदले जाने की चर्चा की जा रही थी, लेकिन इसके लिए 24 अगस्त के आंदोलन के बाद फैसला लेने की बात की गई। ऐसे समय में जब अमित साहू पर बदलाव की तलवार लटक रही थी, उसके बाद भी भाजयुमो ने जिस तरह का आंदोलन किया है, उसने अब इस चर्चा को जन्म दे दिया है कि क्या इतने बड़े सफल आंदोलन के बाद भी राष्ट्रीय संगठन भाजयुमो का प्रदेशाध्यक्ष बदलेगा।
आंदोलन बड़े नेताओं ने सराहा
भाजयुमो के हल्ला बोल आंदोलन की बात की जाए तो इसको सभी सराहा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री और प्रदेश के संगठन के प्रभारी शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने भी आंदोलन को ट्विटर पर सराहा है। भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या तो प्रदेश के भाजयुमो कार्यकर्ताओं की बड़ी तारीफ करके लौटे हैं कि यहां के जैसे कार्यकर्ता पूरे देश में नहीं हैं। इसी के साथ चाहे वह प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी हों, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह हों, प्रदेशाध्यक्ष अरूण साव हों या फिर भाजपा का कोई भी बड़ा नेता हो। सभी आंदोलन की सराहना करने के साथ भाजयुमो को भी सराह रहे हैं कि भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने बड़ा दम दिखाने का काम किया है।



