
रायपुर(realtimes) रीयल एस्टेट में योजनाओं की बाढ़ आ गई है। जो नई योजनाएं आ रही हैं, उसमें देखने वाली बात यह है कि ज्यादातर योजनाओं में जो घर बन रहे हैं, उनमें महंगे घरों पर ज्यादा फोकस है। घर खरीदने वाले इस समय उच्च वर्ग के लोग ज्यादा हैं। इसी के साथ वो लोग भी घर ले रहे हैं जिनके पास अपने घर नहीं हैं। ऐसे लोगों के लिए छोटे मकान भी बन रहे हैं। लेकिन ये मकान बहुत कम बन रहे हैं। कुल मिलाकर रीयल एस्टेट में भारी संख्या में मकान बन रहे हैं। यही वजह है कि इस साल रीयल एस्टेट में रिकाॅर्डतोड़ योजना लांच हो रही हैं।
पूरे देश भर में उच्च वर्ग की खरीदारी में इजाफा हुआ है। इसी के साथ गरीब तबका भी खरीदारी के मामले में आगे है। मध्यम वर्ग की खरीदारी कम हुई है। अब यह वर्ग सोच समझकर ही खर्च कर रहा है। सबसे ज्यादा पैसे खर्च करने वाला उच्च वर्ग ही है। यही वजह है कि अब रीयल एस्टेट में भी इसी वर्ग को ध्यान में रखकर ज्यादातर घर बन रहे हैं। पिछले साल कोरोना के बाद रीयल एस्टेट में त्योहारी सीजन में बहुत घर बिके हैं। करीब छह सौ करोड़ का कारोबार हुआ है। इस काराेबार की रफ्तार ने पहले ही अहसास करा दिया था कि आने वाला साल रीयल एस्टेट के लिए बड़ा अच्छा साल हाेने वाला है। यह अब दिखने भी लगा है।
रेरा से अब तक मंजूर योजनाएं
रीयल एस्टेट से जुड़ी हर योजना को अब रेरा से मंजूरी लेनी पड़ती है। चाहे वह सरकारी योजना हो या फिर निजी योजना उनको रेरा में पंजीयन के बिना प्रारंभ नहीं किया जा सकता है। रेरा में जब फरवरी 2018 से पंजीयन प्रारंभ हुआ तो यही साल ऐसा रहा, जिसमें रिकार्डतोड़ 897 योजनाओं का पंजीयन हुआ। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि हर बिल्डर को अपनी पुरानी योजनाओं का भी पंजीयन कराना जरूरी था। दूसरे साल पुरानी और नई योजनाओं को मिलाकर 192 योजनाएं मंजूर हुईं। 2020 में कोरोनाकाल होने के बाद भी 100 नई योजनाओं का पंजीयन रेरा में हुआ। 2021 में पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा और 136 नई योजनाओं का पंजीयन हुआ। इस साल योजनाओं की बाढ़ आ गई है। जनवरी में 20 योजनाएं लांच हुईं। अगले माह फरवरी में यह रिकॉर्ड टूटा और 23 योजनाएं आईं। मार्च में भी फरवरी का रिकॉर्ड टूटा और 26 योजनाओं का पंजीयन रेरा में हुआ। इसके बाद अप्रैल में नया रिकार्ड बना और 36 योजनाएं पंजीकृत हुईं हैं। मई और जून में 19-19 योजनाएं लांच हुईं हैं। जुलाई में रिकाॅर्डतोड़ 44 योजनाएं लांच हुई हैं। इसके बाद अगस्त में अब तक 18 योजनाएं आईं हैं।



