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6 प्रतिशत महंगाई भत्ता मंजूर नहीं, 22 से बेमुद्दत हड़ताल

रायपुर(realtimes) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य के शासकीय कर्मचारियों को 6 प्रतिशत महंगाई भत्ते देने का आदेश जारी कर दिया गया है। लेकिन प्रदेश के शासकीय सेवकों को यह आदेश मंजूर नहीं है। छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन का साफ कहना है कि कर्मियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाना था। इस बारे में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बात भी हुई थी, लेकिन बड़े अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गुमराह किया। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा है कि अब 22 से अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी जो पहले से अधिक व्यापक स्वरूप में होगी। फेडरेशन के आंदोलन का समर्थन अब कई अन्य कर्मचारी संगठनों ने किया है। इस बार छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ, स्वाशासी महासंघ सहित अन्य संगठन भी आंदोलन में साथ होंगे।

सरकार ने जारी किया है ये आदेश

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि राज्य शासन के कर्मचारियों को माह मई 2022 से सातवे वेतनमान में 22 प्रतिशत की दर से और छठवें वेतनमान में 174 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार राज्य के शासकीय सेवकों को एक अगस्त 2022 से सातवां वेतनमान के महंगाई भत्ते में 6 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 28 प्रतिशत की दर से और छठवें वेतनमान में 15 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 189 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा।

राज्य शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि एक अगस्त 2022 से नगद भुगतान किया जाएगा। महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन, व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा। महंगाई भत्ते का कोई भी भाग मूल नियम 9 (21) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जाएगा।

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