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तबादला नीति को सीएम की मंजूरी, प्रभारी मंत्रियों को मिला अधिकार

रायपुर(realtimes) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की नई तबादला नीति 2022-23 को मंजूरी दे दी है। सरकार ने तबादला नीति बनाने के लिए मंत्रियों की एक उपसमिति का गठन किया था। समिति ने नीति का प्रारूप तय करने के बाद इसे मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किया था। नई नीति के तहत शिक्षा विभाग में पांच प्रतिशत,तृतीय श्रेणी कर्मियों के दस प्रतिशत तथा प्रथम -द्वितीय श्रेणी के अफसरों के 15 प्रतिशत तबादले करने का निर्णय लिया है। तबादला नीति का प्रारुप सबसे पहले रियल टाइम्स ने प्रकाशित किया था। स्वीकृत प्रारुप भी उसी प्रकार का है। राज्य में 2019 से तबादलों पर प्रतिबंध था। खास बात ये है कि जिलों के प्रभारी मंत्रियों को जिले के भीतर तबादलों का अधिकार दिया गया है।

जिला स्तर पर स्थानांतरण

जिला स्तर पर तबादलों के लिए यह तय किया गया है कि 16 अगस्त, 2022 से 10 सितम्बर, 2022 तक जिला स्तर के तृतीय श्रेणी तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थानांतरण जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से कलेक्टर द्वारा किये जा सकेंगे और प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद स्थानांतरण आदेश प्रसारित होंगे। कलेक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थानांतरण किये जाने वाले पद जिला संवर्ग का है तथा स्थानांतरण करने का अधिकार जिला स्तर पर है। स्थानांतरण प्रस्ताव संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा विस्तृत परीक्षण के बाद उपरान्त तैयार किया जाकर कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री को प्रस्तुत किये जाएंगे और प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरान्त जिले के कलेक्टर द्वारा आदेश प्रसारित किये जाएंगे।

तृतीय श्रेणी के 10 प्रतिशत तबादले

तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में अधिकतम 10 प्रतिशत तक स्थानांतरण किये जा सकेंगे। स्थानांतरण के समय ध्यान रखा जाए कि यदि अनुसूचित क्षेत्रों के शासकीय सेवक का गैर-अनुसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण करने के प्रस्ताव है तो उसके एवजीदार का भी प्रस्ताव (जो गैर-अनुसूचित क्षेत्र से हो) अनिवार्यतः रखा जाए। आशय यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में जितने प्रतिशत पद रिक्त है, शहरी क्षेत्रों में लगभग उसी के अनुरूप पद रिक्त रह सकें। ऐसी स्थिति निर्मित न हो कि शहरी क्षेत्रों में लगभग सभी पद भरे हो तथा ग्रामीण क्षेत्रों में काफी रिक्तियाँ बनी रहें।

राज्य सरकार ने तबादला नीति जारी करने के लिए मंत्री ताम्रध्वज साहू की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया था। इस कमेटी में मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, मोहम्मद अकबर, डॉ. शिवकुमार डहरिया और अनिला भेंडिया शामिल थी। मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त होने के बाद राज्य के लिए 2022-23 की नीति लागू हो गई है।

राज्य स्तर पर स्थानांतरण 16 से 30 सितंबर तक

राज्य स्तर पर स्थानांतरण 16 सितंबर, 2022 से 30 सितंबर 2022 तक विभाग द्वारा किए जा सकेंगे। इसके लिए विभाग द्वारा स्थानांतरण प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी के स्थानातरण विभाग के मंत्री के अनुमोदन से ही किए जा सकेंगे।

अफसरों के अधिकतम तबादले 15 प्रतिशत

राज्य स्तर पर स्थानांतरण प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के मामलों में उनके संवर्ग में कार्यरत अधिकारियों की कुल संख्या के अधिकतम 15-15 प्रतिशत तथा तृतीय श्रेणी एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग मे कार्यरत अधिकारियों की कुल संख्या के अधिकतम 10-10 प्रतिशत तक किए जा सकेंगे। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के स्थानांतरण प्रतिशत की गणना में जिला स्तर पर किए गए स्थानांतरण की संख्या भी शामिल होगी।

मंत्रियों को सीधे नहीं भेजे जाएंगे प्रस्ताव

नीति में कहा गया है कि विभागीय मंत्री से अनुमोदन प्राप्त करने स्थानांतरण प्रस्ताव सीधे विभागाध्यक्ष से मंत्री को प्रस्तुत नहीं किए जायेंगे। नस्ती आवश्यक रूप से छत्तीसगढ़ कार्यपालक शासन के कार्य नियम तथा उन नियमों के अधीन जारी किए गए निर्देश तथा अनुदेश अर्थात प्रशासकीय विभाग की सचिवालयीन प्रक्रिया अनुसार अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव (स्वतंत्र प्रभार) के माध्यम से ही विभागीय मंत्री को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किए जाएंगे और अनुमोदन के बाद ही आदेश विभाग द्वारा प्रसारित किए जाएंगे।

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