ख़ास ख़बर: बिजली बिल हॉफ योजना का 45 लाख को फायदा, 18 लाख उपभोक्ताओं का हुआ इजाफा - realtimes
मौसम डेटा स्रोत: रायपुर मौसम
State

ख़ास ख़बर: बिजली बिल हॉफ योजना का 45 लाख को फायदा, 18 लाख उपभोक्ताओं का हुआ इजाफा

प्रदेश सरकार दे चुकी है तीन साल में 10 हजार करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी

रायपुर(realtimes) प्रदेश सरकार की बिजली बिल हॉफ योजना पाॅवर कंपनी के लिए भी बड़ा वारदान साबित हुई है। वर्षों से जो उपभोक्ता अपना बकाया जमा नहीं कर रहे थे, इस योजना का लाभ लेने के लिए ऐसे उपभोक्ताओं ने अपना बकाया समय पर जमा करके योजना का लाभ लेना प्रारंभ किया है। जब योजना का आगाज हुआ था तो पहले माह महज 27 लाख उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिला था, लेकिन अब इसका लाभ लेने वाले 45 लाख हो गए हैं। यानी 18 लाख उपभोक्ताओं का इजाफा हुआ है। कोरोनाकाल में 6 लाख उपभोक्ता कम हो गए थे, लेकिन अब सब फिर से बकाया जमा करके योजना का लाभ ले रहे हैं। प्रदेश सरकार ने इस योजना में तीन साल में दस हजार करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी भी दी है।

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने अपने घोषणापत्र में किए गए वादे के मुताबिक बिजली उपभोक्ताओं को मार्च 2019 से बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ देना प्रारंभ किया। इस योजना में 400 यूनिट तक हर वर्ग के उपभोक्ताओं का बिजली बिल हॉफ किया जा रहा है। इस योजना को लागू करते समय ही प्रदेश सरकार ने इस बात का उल्लेख कर दिया था कि जिनका किसी भी तरह का बिजली बिल बकाया होगा, उनको योजना का लाभ नहीं मिलेगा। बाद में दो माह से ज्यादा बकाया जमा न करने वालों को योजना से वंचित किया गया। ऐसे में किसी कारणवश एक माह का बिल जमा न कर पाने वालों को भी योजना का लाभ मिलता है।

पहले माह 20 लाख वंचित रहे

पहले माह जब योजना लागू की गई तो इसमें करीब 27 लाख उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिला और 20 लाख वंचित हुए थे। इसके बाद जैसे ही योजना के बारे में उपभोक्ताओं को मालूम हुआ तो वे अपना बकाया जमा करके योजना का लाभ लेने लगे। योजना लागू होने के बाद से अब तक 18 लाख उपभोक्ता बढ़े हैं। योजना में पहले साल 43 लाख उपभोक्ताओं ने लाभ उठाया। इसके बाद अगले साल कोरोना के कारण यह आंकड़ा 38 लाख 59 हजार हो गया। लेकिन कोरोना समाप्त होने के बाद 21-22 में आंकड़ा बढ़कर 44 लाख 80 पहुंचा और इस समय 45 लाख से ज्यादा उपभोक्ता योजना का लाभ ले रहे हैं।

बढ़ती गई सब्सिडी

साल दर साल जैसे-जैसे उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफा होते गया, सब्सिडी भी बढ़ती चली गई। पहले साल 19-20 में 43 लाख उपभोक्ताओं को 3434 करोड़ की सब्सिडी दी गई। इसके बाद कोरोना के कारण 20-21 में उपभोक्ता 38 लाख 59 हजार हुए तो सब्सिडी कम होकर 3085 करोड़ हो गई। लेकिन इसके बाद 21-22 में उपभोक्तओं की संख्या 44 लाख 80 हजार हो गई तो सब्सिडी रिकाॅर्डतोड़ 3963 हजार हो गई। तीन साल में प्रदेश सरकार ने 10 हजार 482 करोड़ की सब्सिडी दी है। नए सत्र 22-23 में उपभोक्ताओं की संख्या में और इजाफा होने के साथ ही सब्सिडी के भी चार हजार करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है।

Related Articles

Back to top button