
ये प्रतिशोध की राजनीति है, ये धमकी की राजनीति है: जयराम रमेश
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा आज जो देख रहे हैं आप, ये पहली बार नहीं हुआ है। ये प्रतिशोध की राजनीति है, ये धमकी की राजनीति है और कहा गया है, एक प्राचीन कहावत है- विनाश काले विपरीत बुद्धि। ये विनाशकाल है। महंगाई, बेरोजगारी, खाद्य पदार्थों पर जीएसटी, इसके खिलाफ हमने अपनी आवाज उठाई है संसद में और संसद के बाहर।
2 हफ्ते तक बहस से भागी मोदी सरकार और जब हमने हमारा प्रदर्शन, जो होने वाला है परसों के दिन, उसको रोकने के लिए आज से ही शुरुआत गृहमंत्री और जो गृहमंत्री का जो कब्जा है दिल्ली पुलिस, दोनों साथ मिलकर यहाँ जो पुलिस बल आया है हमारे पार्टी के सामने, हमारे दफ्तरों के सामने, हमारे नेताओं के घर के सामने, ये बिल्कुल साफ है कि प्रधानमंत्री भय की राजनीति, प्रतिशोध की राजनीति, धमकी की राजनीति में विश्वास रखते हैं। ये लोकतांत्रिक तरीका नहीं है।
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हम भागेंगे नहीं, हमें चुप नहीं कराया जाएगा। हम अपनी आवाज उठाते रहेंगे। हमारा प्रदर्शन, परसों शांतिपूर्वक प्रदर्शन जरुर होगा। मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ, उनकी विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ हमने तो प्रदर्शन किया है, पर परसों के प्रदर्शन का एकमात्र मकसद है आर्थिक जो नीतियां हैं मोदी सरकार की।
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महंगाई जो बढ़ी है, बेरोजगारी बढ़ी है, खाद्य पदार्थों पर जीएसटी लगाया गया है, अग्निपथ योजना लाई गई है बिना चर्चा के और जो हम दो, हमारे दो, कुछ चुने हुए पूंजीपतियों के लिए जो आर्थिक नीतियां बनाई जा रही हैं, उनके खिलाफ हमारी आवाज परसों उठेगी।
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हमें चुप नहीं कराया जा सकता, हम चुप नहीं रहेंगे। हम धमकी से बाहर नहीं भागेंगे और ये प्रतिशोध की राजनीति के खिलाफ हम लोग लड़ते रहेंगे। जयराम रमेश ने आगे कहा कि मैं एक चीज कहना चाहता हूं, जो धमकी देते हैं, वही डरते हैं। जो प्रतिशोध की राजनीति में विश्वास रखते हैं, वही डरते हैं, जो भय का वातावरण फैलाते हैं, वही डरते हैं। डरने वाले हम नहीं हैं।



