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UP : राजनीति उप्र मंत्री इस्तीफा दो अंतिम लखनऊ

राज्यमंत्री खटीक ने अधिकारियों द्बारा की जा रही अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पत्र में कहा, ''कई दिनों के बाद विभागाध्यक्ष से दूरभाष पर वार्ता करके सूचना देने हेतु कहा गया तब भी उन्होंने अब तक सूचना उपलब्ध नहीं करायी है। प्रमुख सचिव, सिचाई, अनिल गर्ग को उक्त स्थिति से अवगत कराना चाहा तो उन्होंने बिना मेरी पूरी बात सुने ही टेलीफोन काट दिया। उन्होंने इसे एक जनप्रतिनिधि का बहुत बड़ा अपमान बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं गृह मंत्री अमित शाह के अथक परिश्रम एवं कुशल नेतृत्व में दलितों और पिछड़ों को साथ लेकर चलने के कारण आज भाजपा सरकार का गठन हुआ है।

हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को ईमानदार छवि वाला बताते हुए कहा कि दलित समाज से जुड़े होने के कारण उन्हें जल शक्ति विभाग में राज्य मंत्री नियुक्त किया गया है। जिससे पूरा दलित समाज भाजपा सरकार के प्रति पूरी तरह से उत्साहित एवं समर्पित है। खटीक ने कहा, ''परन्तु दलित समाज का राज्य मंत्री होने के कारण मेरे किसी भी आदेश पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है और न ही मुझे किसी बैठक की सूचना दी जाती है, न ही विभाग में कौन-कौन सी योजनाएं वर्तमान में संचालित है तथा उस पर क्या कार्यवाही हो रही है इत्यादि कोई सूचना अधिकारियों द्बारा नहीं दी जाती है। जिसके कारण राज्य मंत्री को विभाग के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं हो पाती है।

उन्होंने आरोप लगाया, ''मैं एक दलित जाति का मंत्री हूँ, इसीलिये इस विभाग में मेरे साथ बहुत ज्यादा भेदभाव किया जा रहा है। मुझे विभाग में अभी तक कोई अधिकार नहीं दिया गया है, इसलिये मेरे पत्रों का जवाब नहीं दिया जाता है। खटीक ने जलशक्ति विभाग में नामामि गंगे योजना के अन्दर भी बहुत बड़ा भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब भी वह इस बारे में कोई शिकायत किसी भी अधिकारी के विरूद्ध करते हैं, तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, शाह और नड्डा की ईमानदार कोशिशों से दलित और पिछड़ों को सम्मान के साथ भाजपा में लाने का जितना सार्थक प्रयास किया गया है, उत्तर प्रदेश में सरकार के अधिकारीगण उतना ही दलितों का अपमान कर रहे है।

खटीक ने विभाग के अधिकारियों द्बारा उन्हें कोई तवज्जो न देने, दलितों को उचित मान-सम्मान न मिलने, 'नमामि गंगे एवं 'हर घर जल योजना में नियमों की अनदेखी होने और जलशक्ति विभाग में स्थानांतरण के नाम पर गलत तरीके से धन वसूली होने से आहत होने की बात भी कही।
उन्होंने कहा, ''जब विभाग में दलित समाज के राज्य मंत्री का कोई अस्तित्व नहीं है, तो फिर ऐसी स्थिति में राज्य मंत्री के रूप में मेरा कार्य करना दलित समाज के लिये बेकार है। इन्हीं सब बातों से आहत होकर मैं अपने पद से त्यागपत्र दे रहा हूं। इस मामले में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिह से प्रतिक्रिया मांगने पर उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि खटीक के इस्तीफे की जानकारी उन्हें नहीं है।

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