बारिश से मिली राहत, गर्मी में 52 सौ मेगावाट तक हो रही थी खपत, अब 37 सौ पर आई

रायपुर(realtimes) प्रदेश में बिजली की खपत गर्मी में 52 सौ मेगावाट पार हो गई थी। एसी, कूलरों के साथ कृषि पंपों के चलने से पहली बार रिकाॅर्ड खपत दर्ज की गई। लेकिन अब बारिश में बड़ी राहत मिल गई है। अब खपत 37 सौ मेगावाट पर आ गई है। राजधानी रायपुर के साथ कुछ शहरों में अच्छी बारिश न होने के कारण पड़ रही उमस के कारण एसी और कूलर चल रहे हैं। इनके बंद होने से खपत और कम हाे जाएगी और 32 से 33 सौ मेगावाट पर पहुंचेगी।
प्रदेश में गर्मी के समय में कुछ समय पहले तक खपत चार हजार मेगावाट तक ही जाती थी। लेकिन पिछले दो-तीन सालों में खपत लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे का कारण यह है कि एक को उपभोक्ताओं की संख्या में भारी इजाफा हो गया है। पहले करीब 50 लाख उपभोक्ता थे तो अब बढ़कर 60 लाख तक हो गए हैं। इसी के साथ प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने बिजली बिल हॉफ योजना में 400 यूनिट तक जो बिल आधा करने की योजना प्रारंभ की है, उसके कारण भी लोग अब गर्मी में ज्यादा खपत करने लगे हैं। यही वजह है कि अब खपत लगातार पांच हजार मेगावाट पार कर जाती है।
इस वजह से घटी खपत
बिजली की खपत कम होने का कारण जहां एसी और कूलरों का चलना बंद होना और कम चलना है, वहीं अब कृषि पंप भी बंद हाे गए हैं। कृषि पंपों पर ही रोज पांच से छह सौ मेगावाट बिजली लग जाती है। इसी के साथ गर्मी में एसी और कूलरों पर ही 12 सौ मेगावाट से ज्यादा बिजली लग रही थी। लेकिन इसमें मुश्किल से दो से तीन सौ मेगावाट ही बिजली लग रही है। इसके कारण अब करीब 15 सौ मेगावाट की खपत कम होने लगी है।



