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कच्चा माल निर्यात करना अब घाटे का सौदा, सरिया के दाम चार हजार रुपए और घटे

रायपुर(realtimes) अपने राज्य में स्टील का कच्चा माल बनाने वाले अब तक अपना ज्यादातर माल विदेश भेज देते हैं। इसका खामियाजा यहां पर पक्का स्टील बनाने वालाें काे भुगतना पड़ता है, लेकिन अब कच्चा माल बनाने वालाें पर केंद्र सरकार ने बड़ी नकेल कस दी है। कच्चे माल के निर्यात पर लगे भारी भरकम टैक्स के चलते अब प्रदेश में स्टील के लिए कच्चा माल बनाने वालों की हालत पस्त हो गई है। हालांकि अब तक कच्चे माल का रेट कम नहीं किया गया है, लेकिन सरिया की कीमत में जरूरत चार हजार की और गिरावट आ गई है। आने वाले समय में कच्चे माल की कीमत में कमी के बाद सरिया का रेट और गिरेगा।

सरिया की कीमत कम होने से आम आदमी को अपना आशियाना बनाने में आसानी हो जाएगी। सरिया कुछ समय पहले 75 हजार रुपए टन था, अब यह चिल्हर में 64 हजार रुपए टन हो गया है। अगले माह तक इसकी कीमत 60 हजार से कम हो जाएगी।

पैलेट और आयरन ओर बनता है राज्य में

स्पंज आयरन बनाने के काम में आने वाला पैलेट और आयरन ओर अपने राज्य में बनता है। केंद्र सरकार ने इस कच्चे माल को लेकर अब निर्यात कर लगा दिया है। पहले इस पर कोई कर न हाेने के कारण बड़े उद्योग अपना ज्यादातर माल विदेश भेज देते हैं, लेकिन अब इनके लिए अपना कच्चा माल विदेश भेजना घाटे का सौदा साबित होगा। पैलेट की कीमत इस समय दस हजार रुपए टन है। इसको विदेश भेजने पर 45 फीसदी निर्यात कर देना होगा। यानी एक टन माल विदेश भेजने पर महज साढ़े पांच हजार ही मिलेंगे। ऐसे में अगर यह माल छह से सात हजार रुपए में अपने राज्य और देश में बेचा जाएगा तो कच्चा माल बनाने वालों को फायदा ही होगा। इसी तरह से आयरन ओर की कीमत इस समय 12 हजार रुपए टन है। इसको विदेश भेजने पर 50 फीसदी कर देना होगा। यानी छह हजार रुपए ही एक टन के मिलेंगे। ऐसे में सात से आठ हजार रुपए टन में इसको अपने देश में बेचना ही फायदे का सौदा होगा।

लगातार घटेंगे अब सरिया के दाम

निर्यात कर लगने के बाद अब सरिया की कीमत जमीन पर आने लगी है। पहले ही डिमांड न होने के कारण इसकी कीमत में गिरावट आ रही थी, अब तो और ज्यादा गिरावट आएगी। तीन दिन पहले सरिया की कीमत 68 हजार रुपए टन थी, लेकिन अब इसकी कीमत 64 हजार पर आ गई है। इस समय सरिया की बेसिक कीमत 48 हजार रुपए है। इसमें 8 और 10 एमएम पर पांच हजार का अंतर रहता है। यानी 53 हजार रुपए बेसिक कीमत हुई। इसमें 18 फीसदी जीएसटी 9540 रुपए लग रही है। ऐसे में कीमत 62540 रुपए होती है। चिल्हर में सरिया 64 हजार तक बिक रहा है। बड़े निर्माण कार्यों के काम आने वाला सरिया तो 48 हजार रुपए टन हो गया है। इसमें 8640 रुपए जीएसटी है। यानी इसकी कीमत अब 56640 रुपए हो गई है। भाड़ा मिलाकर यह थोक में 57 हजार तक मिल जा रहा है।

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