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किसानाें काे काटने पड़ रहे हैं सोलर पंप के लिए दफ्तराें के चक्कर

रायपुर(realtimes) प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर कृषि पंपों के बिजली कंपनी से कनेक्शन मिलने में ताे आसानी हाे गई और एक ही साल में 35 हजार से ज्यादा किसानाें काे कनेक्शन भी मिल गए, लेकिन इधर प्रदेश के किसानों को सोलर पंपाें के लिए भटकना पड़ रहा है।

भाजपा शासनकाल में प्रारंभ की गई यह योजना अब भी चल रही है। लेकिन इस समय इस योजना में किसानों को कम कनेक्शन दिए जाने का मामला सामने आया है। भाजपा सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ को आरटीआई में मिली जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ है कि पिछले सत्र में जितने किसानों के आवेदन मंजूर किए गए थे, उसमें से करीब आठ हजार किसानों को पंप कनेक्शन दिए ही नहीं गए हैं।

भाजपा सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के सहमीडिया प्रभारी आलोक शर्मा को प्राप्त दस्तावेज के अनुसार छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार किसानों को सोलर पंप नहीं दे रही। 2021-22 में छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा सोलर पंप का लक्ष्य 20000 था। क्रेडा को किसानों के 25895 आवेदन मिले। जिसमें से शासन ने 19846 किसानों के आवेदन सोलर पंप हेतु स्वीकृति किए। लेकिन जब कनेक्शन देने की बारी आई तो इसमें से 12096 किसानों को ही पंप के कनेक्शन दिए गए हैं।

7750 किसान वंचित

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 7750 किसानों को सोलर पंप नहीं दिए गए हैं। इसका मतलब लक्ष्य के मात्र 61% ही सोलर पंप किसानों को दिए गए। आज भी किसान अपने सोलर पंप पाने के लिए सरकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है, छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार एक लाख सोलर पंप लगाने का फर्जी डाटा दे रही हैं। भाजपा सरकार में सोलर पंप लगाने का वर्ष 2017-18 में 20000 का लक्ष्य था। 26873 आवेदन क्रेडा के पास आए। 24467 आवेदकों के सोलर पंप की स्वीकृति हुई और सभी को पंप दिए गए। इसका मतलब है कि लक्ष्य से 122 % अधिक भाजपा सरकार ने सोलर पंप लगाए।

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