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महंगाई की ऐसी आग, सरिया 150 तो सीमेंट 100 फीसदी तक हुआ महंगा

रायपुर(realtimes) महंगाई की आग यू ताे हर सेक्टर में लगी है, लेकिन सबसे ज्यादा आग पेट्राेल डीजल के बाद अगर किसी में लगी है ताे वह है भवन निर्माण सामग्री में। इसके दाम चार सालों में दो से ढाई गुना तक बढ़ गए हैं। सबसे ज्यादा आग सरिया में लगी है। जो सरिया चार साल पहले 29 से 30 हजार रुपए टन था, वह इस समय 75 हजार रुपए टन हो गया है। एक समय तो यह 85 हजार रुपए टन तक चला गया था। असकी कीमत में 150 फीसदी का इजाफा हुआ है। सीमेंट की कीमत 180 के स्थान पर करीब डबल होकर साढ़े तीन सौ रुपए हो गई है। यानी यह साै फीसदी तक बढ़ा है। पीवीसी पाइप, विंडो, वॉयर, टाइल्स सबके दाम में भारी इजाफा हुआ है। इसका असर यह हुआ है कि आज मकान बनाना बहुत महंगा हो गया है। मकान बनाने की लागत भी अब करीब डबल हो गई है।

महंगाई की चौतरफा आग लगी हुई है। हर सेक्टर में कीमतों में भारी इजाफा हाेते जा रहा है। आम आदमी के लिए एक तरफ जहां घर चलाना मुश्किल हो रही है, वह अब अपना आशियाना बनाना भी एक सपने जैसा हो गया है। भवन निर्माण सामग्री में लगातार इजाफा होते जा रहा है। पिछले चार सालों से हर सामान की कीमत में इजाफा हुआ है, ऐसा कोई सामान नहीं है जिसकी कीमत में कमी आई हो। निर्माण लागत भी लगातार बढ़ी है।

किसके कितने बढ़े दाम

सबसे पहले अगर सरिया की बात करें तो सरिया चार साल पहले 29 से 30 हजार रुपए टन था। लेकिन आज इसकी कीमत 75 हजार रुपए टन हो गई है। पिछले माह तो इसकी कीमत 85 हजार तक पहुंच गई थी। लेकिन डिमांड न होने के कारण इसकी कीमत दस हजार तक कम हुई है। इसी तरह से सीमेंट की कीमत भी लगभग डबल हो गई है। 180 रुपए में मिलने वाला सीमेंट इस समय 350 से 360 रुपए में मिल रहा है। टाइल्स के दाम 18 से 20 रुपए से बढ़कर इस समय 40 से 45 रुपए हो गए हैं। वॉयर की कीमत सात रुपए से बढ़कर 15 रुपए हो गई है। पीवीसी पाइप की कीमत 130 रुपए से बढ़कर डबल से भी ज्यादा 300 रुपए हो गई है। पीवीसी विंडो और दरवाजे 460 रुपए फीट से बढ़कर अब 700 रुपए फीट हो गए हैं। इसी के साथ विंडो बनाने वाले एल्युमुनियम की कीमत 190 रुपए किलो के स्थान पर 450 रुपए किलो हो गई है। ऐसे में पहले जो विंडो 110 रुपए फीट में बन जाता था, वह एक 220 से 250 रुपए फीट में बन रहा है।

डबल हो गई लागत

मकान बनाने का काम करने वाले ठेकेदारों की मानें तो इस समय बाजार में करीब चार साै रुपए वर्ग फीट तक लागत बढ़ गई है। पहले सामानों के साथ प्रति वर्ग फीट 6 से 7 हजार रुपए लगते थे, लेकिन अब 12 से से 14 हजार रुपए प्रति वर्ग फीट पर ही काम हो रहा है। यह काम भी मध्यम वर्ग का है। अगर ज्यादा अच्छा मटेरियल यूज करने की बात की जाती है तो लागत में और इजाफा हो जाता है। ऐसे में 16 से 18 हजार रुपए प्रति वर्ग फीट लिए जाते हैं। इसी तरह से अगर मकान मालिक अपना मटेरियल यूज करते हैं तो ठेके पर काम लेने वाले अब 160 से 180 रुपए प्रति वर्ग फीट के ले रहे हैं। चार साल पहले पहले 80 से 90 रुपए प्रति वर्ग फीट के लगते थे।

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