अधिकारियाें की ठेकेदारों काे दाे टूक, पहले दूसरे राज्यों के राहत पैकेज की जानकारी मंगाएं

रायपुर(realtimes) प्रदेश भर के सरकारी कामों के टेंडरों का सरकारी ठेकेदाराें ने बहिष्कार कर दिया है।ऐसे में राज्य के सरकारी विभागाें की हालत भी पतली हाे गई है। लेकिन सरकारी विभाग आसानी से ठेकेदाराें की बात मानने वाले नहीं हैं। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल से प्रदेश के अधिकारियों ने चर्चा की और इसमें दाे टूक कहा है कि पहले दूसरे राज्यों में राहत पैकेज किस तरह से तय किया गया है, इसकी जानकारी मंगाकर दिखाए इसके बाद ही यहां पर काेई फैसला किया जाएगा।
मटेरियलों के बढ़े दाम के कारण प्रदेश भर के सरकारी ठेकेदारों ने काम करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। पुराने कामों की रफ्तार जहां बहुत धीमी कर दी गई है, वहीं नए टेंडरों का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया गया है। इस समय प्रदेश में करीब 12 सौ करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं जिनकी निविदाएं भरी जानी हैं, लेकिन कोई भी ठेकेदार निविदा नहीं भर रहा है।
अधिकारियों को बताई समस्याएं
छत्तीसगढ़ कांट्रकेट्र एसोसिएशन के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला के मुताबिक पीडब्ल्यूडी और मुख्यमंत्री के सचिव कोमल सिद्धार्थ परदेशी छत्तीसगढ़ रोड कॉरपोरेशन के एमडी हिमशिखर गुप्ता के साथ प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी, एडीवी प्रोजेक्टर के निर्देशक एसके कोरी रायपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप, अधीक्षण अभियंता बीएस कुरराम के साथ दो घंटे तक सभी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री शुक्ला के मुताबिक कई मांगों पर अधिकारी सहमत भी हैं। जहां तक अंतर की राशि की बात है तो अधिकारियों ने पहले दूसरे राज्यों से इसकी जानकारी मंगा कर देने की बात की है कि किस राज्य ने किस स्थिति में क्या अंतर की राशि देने की सहमति दी है। इस जानकारी को देखने के बाद यहां पर तय होगा कि यहां क्या किया जा सकता है।