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भाजपा का जेल भरो आंदोलन, प्रदेश भर में गिरफ्तारियां

रायपुर(realtimes) भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए राज्य भर में गिरफ्तारियां दी। राजधानी रायपुर में वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल सहित करीब 543 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया,इन्हें सेंट्रल जेल परिसर में रखा गया। कुछ समय बाद सभी को रिहा कर दिया गया। भाजपा के इस प्रदर्शन के दाैरान राजधानी रायपुर में कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। गिरफ्तारी के दाैरान कुछ स्थानों पर पुलिस के साथ प्रदर्शन कारियों ने झूमाझटकी की।

सत्तर हजार से ज्यादा ने दी गिरफ्तारी, भाजपा का दावा

भारतीय जनता पार्टी के सत्तर हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश भर में  गिरफ्तारी का दावा किया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने यह विरोध प्रदर्शन राज्य सरकार के धरना प्रदर्शन संबंधी नए नियम के खिलाफ किया था। पार्टी ने इस काला कानून निरूपित किया है। सरकार के खिलाफ विरोध जताने के लिए रायपुर में अलग-अलग इलाकों से रैली की शक्ल में भाजपा कार्यकर्ता और निकले, इन लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी की। इस दाैरान रायपुर में नगर घड़ी, कोतवाली क्षेत्र, तात्यापारा से लेकर आमापारा सहित कई अन्य स्थानों पर सामान्य यातायात प्रभावित रहा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने भाजपा की प्रांतीय बैठक में भूपेश सरकार को 15 दिन में काला कानून वापस लेने का समय दिया था लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार के अड़ियल रवैए के बाद आज पूरे प्रदेश में जेल भरने के लिए सभी जिलों में भाजपा के संगठन व पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने अपनी अपनी गिरफ्तारी दी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने इस आंदोलन में अपने गृह जिले जशपुर में आंदोलन का नेतृ त्व किया और हजारों कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी दिया लेकिन यह अलोकतांत्रिक सरकार काला कानून वापस नहीं लेना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने विरोध को सहन नहीं कर पा रही है। जबकि जनता व कर्मचारियों से किए गए वादे को पूरा न कर पाने के कारण हर जगह राज्य सरकार का विरोध आंदोलन का शक्ल ले रहा है। डरी, घबराई सरकार आपातकाल की तर्ज पर प्रदेश में मिनी आपातकाल लागू किए हुए है। जिसका पूरी ताकत से भाजपा विरोध करती है।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सत्ता पाने के लिए कांग्रेस ने बड़े-बड़े वादे तो किए थे लेकिन जब उन वादों को पूरा करने का समय आया तो वह उसे पूरा नही कर रही है। जिसके कारण प्रदेशभर के विभिन्न कर्मचारी संगठन, किसान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मनरेगा कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, विद्युतकर्ती अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे जो प्रदेश की कांग्रेस सरकार का विरोध कर रहे थे जिसको दबाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक काला कानून (भूपेश एक्ट) लाकर लोकतंत्र की आवाज को दबाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर कोई को अपनी बातों को रखने का अधिकार है लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार सन् 1975 के तर्ज पर प्रदेश में मिनी आपातकाल लागू कर दिए है जिसका भारतीय जनता पार्टी विरोध करती है। प्रदेश सरकार का यह तानाशाही रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भाजपा के आंदोलन को जनता ने नकारा -कांग्रेस

कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के आंदोलन को राजनैतिक नौटंकी बताया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के आंदोलन को जनता ने नकार दिया। जनता भाजपा की इस राजनैतिक हठ धर्मिता के कारण ट्रैफिक जाम से परेशान होती रही। भाजपा के इस असफल आंदोलन से एक बात साफ हो गयी कि छत्तीसगढ़ में मृत हो चुकी भाजपा आंदोलन करना तो चाहती है लेकिन उसके पास कांग्रेस सरकार के खिलाफ मुद्दे नहीं बचे है इसीलिए वह जनता को गुमराह करने  काल्पनिक मुद्दे पर आंदोलन करने को बाध्य हुई। हास्यास्पद तो यह रहा कि रायपुर में बूढ़ातालाब में धरना स्थल की सीमा 500 करने का भाजपा विरोध कर रही थी और पूरी ताकत लगाने के बाद भी भाजपाई 500 लोगो की गिरफ्तारी नही दे पाए। प्रदेश के दूसरे जिलों में भाजपा के लोग 100-150 लोगो की गिरफ्तारी दे पाए। प्रदेश के आधे जिलों में भाजपा प्रदर्शन ही नही कर पाई।

जिस नियम का 15 साल तक भाजपा पालन करवाती थी विपक्ष में उसे  बेशर्मी पूर्वक अलोकतांत्रिक बता रही है। भाजपा के पास किसान, मजदूर ,युवा ,एससी, विकास के काम रोजगार  जैसे जनसरोकारों के मुद्दे कांग्रेस राज में नहीं बचे है। भूपेश सरकार से प्रदेश का हर तबका खुश है। मजबूरी में भाजपा  ऐसे नियम की आड़ पर आंदोलन  की नौटन्की कर रही है जो नियम भाजपा सरकार के समय से छत्तीसगढ़ में लागू हैं।भाजपा धरना प्रदर्शन के लिए अनुमति लेने की अनिवार्यता का विरोध कर रही जबकि धरना प्रदर्शन आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेने का नियम भाजपा सरकार के समय से है। भाजपा  की रमन सरकार ने राजनैतिक प्रदर्शन के अलावा धार्मिक और निजी मांगलिक कार्यक्रमो की अनुमति लेने कानियम बनाया हुआ था रमन राज में अखंड रामायण और बारात निकालने की परमीशन लेने का नियम था। भाजपा सरकार इन आयोजनों की अनुमति 17 से ले कर 23 विन्दुओ के शर्तो के साथ देती थी।

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