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दो माह का समय बढ़ाने के बाद भी भाजपा के हाथ आजीवन सहयाेग निधि में छह कराेड़ ही लगे

रायपुर(realtimes) भाजपा के हाथ से राज्य की सत्ता जाने के चार साल बाद चलाए गए आजीवन सहयोग निधि लेने अभियान में दाे माह का समय बढ़ाने के बाद भी छह कराेड़ ही हाथ लगे हैं, जबकि लक्ष्य 25 कराेड़ का रखा गया था। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल काैशिक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल का जिला बिलासपुर नंबर वन रहा है। बाकी जिलों का निधि जुटाने में दम निकल गया है।

अभियान में बिलासपुर ने सबसे ज्यादा एक करोड़ 20 लाख जुटा लिए हैं। पांच लाख से ज्यादा और मिलने की संभावना है। ऐसे में उसका टारगेट पूरा हो जाएगा। जहां तक राजधानी रायपुर का सवाल है तो उसके खाते में 70 लाख के आस-पास ही आएंगे। अन्य जिलों में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का जिला धमतरी, पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह का जिला राजनांदगांव भी टारगेट पूरा नहीं कर सका है। इसी के साथ सभी जिले टारगेट से दूर ही रहे हैं। पूरे प्रदेश में 25 कराेड़ का लक्ष्य रखा गया था, अब तक 6 करोड़ दस लाख जमा हुए हैं। यह आंकड़ा सात करोड़ तक जाने की संभावना काेषाध्यक्ष गाैरीशंकर अग्रवाल जता रहे हैं।

भाजपा ने चार साल बाद आजीवन सहयोग निधि लेने का फैसला इस साल किया और इसके लिए अभियान का आगाज फरवरी से किया गया। फरवरी में बहुत कम सहयोग मिलने पर पहले इसको 15 मार्च और फिर 31 मार्च तक बढ़ाया गया, लेकिन एक माह का समय बढ़ाने के बाद भी ज्यादा फायदा नहीं हो सका है। ऐसे में एक माह का समय और बढ़ाया गया, लेकिन इसका भी ज्यादा फायदा नहीं हो सका है, क्योंकि ज्यादातर जिले अपने टारगेट से बहुत दूर रह गए हैं। कई जिलाध्यक्षों को जानकारी ही नहीं है कि उनके जिले को कितने का टारगेट मिला है और कितनी राशि एकत्रित हो सकी है।

बिलासपुर का टारगेट पूरा

बिलासपुर में 25 मंडल हैं। हर मंडल के पांच लाख के हिसाब से उसको सवा करोड़ का टारगेट दिया गया था। बिलासपुर के भाजपा अध्यक्ष रामदेव कुमावत का कहना है, हमारा टारगेट पूरा हो जाएगा। एक करोड़ 20 लाख जमा हो चुके हैं। अभी मंडलों से हिसाब आना बाकी है। पांच लाख से ज्यादा और मिल जाएंगे।

रायपुर टारगेट से 40 फीसदी पीछे

राजधानी रायपुर को सबसे बड़ा टारगेट दिया गया था। यहां पर 16 मंडल हैं। इनमें से 10 शहरी और 6 ग्रामीण के हैं। ऐसे में रायपुर का टारगेट एक करोड़ तीस लाख का है, लेकिन रायपुर में अब तक 55 लाख के आसपास जमा हो सके हैं। अभी मंडलों से हिसाब नहीं आया है। संभावना 70 से 75 लाख तक जमा होने की है। ऐसे में रायपुर अपने टारगेट से 40 फीसदी तक पीछे रह जाएगा। रायपुर के लिए संतोष की बात यही है कि उसने पिछली बार के 50 लाख के टारगेट को पार कर लिया है।

सभी जिले पिछड़े

धमतरी जैसे छोटे जिले को एक करोड़ का टारगेट कुरूद के दिग्गज विधायक अजय चंद्राकर के कारण दिया गया। धमतरी के लिए संतोषजनक बात यही है कि वह टारगेट से 20 फीसदी ही पीछे रहेगा। राजनांदगांव को भी पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह का विधानसभा क्षेत्र हाेने के कारण एक करोड़ का टारगेट दिया या। यहां के जिलाध्यक्ष मधुसूदन यादव कहते हैं 70 से 80 लाख तक जमा हो जाएंगे। उनका कहना है, खैरागढ़ चुनाव के कारण टारगेट प्रभावित हुआ, नहीं तो अब तक पूरा हो जाता। भिलाई को एक करोड़ का टारगेट मिला है, पर वहां पर टारगेट का आधा भी जमा नहीं हो सका है। इस तरह से दूसरे जिले भी टारगेट का 40 से 60 फीसदी तक ही एकत्रित कर सके हैं।

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