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शहर विधायक बृजमाेहन काे हुई राजधानी की चिंता, निगम आयुक्त काे लिखा लंबा-चाैड़ा पत्र

रायपुर(realtimes) भाजपा विधायक पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर व्यवसाइयों पर लगाये जा रहे यूजर चार्ज, दानी स्कूल के पीछे बूढ़ा तालाब की ओर रोड को चालू करने, गोल बाजार के व्यवसायियों से फ्री होल्ड के नाम पर लिए जा रहे विकास शुल्क व कंट्रक्शन शुल्क पर पुनर्विचार करने व नगर निगम मुख्यालय के सामने बीच सड़क पर बनाए जा रहे रोटरी (चौक) के कार्य को तत्काल बंद करने के लिए लंबा-चाेड़ा पत्र लिखा है।

श्री अग्रवाल ने कहा है कि कुछ समय से राजधानी में छोटे-छोटे, मध्यम व्यवसायियों से भी यूजर चार्ज के रूप में भारी भरकम वसूली जा रही है। छोटे छोटे, मध्यम व्यवसायियों से 100 से 300 फीट पर 2760 रूपये, 300 से 500 फीट तक 3600 रुपए, 500 से 1000 फीट तक 4800 रुपए, 1000 फीट से ऊपर 7800 रुपए प्रति, वर्ष की दर से वसूल किया जा रहा है। इस शुल्क को तत्काल युक्तिसंगत किया जाना चाहिए। जिससे आम छोटे व्यवसायियों को राहत प्रदान हो सके। पिछले 2 वर्षों में कोरोना के कारण व्यवसायियों की आर्थिक दशा अत्यंत नाजुक दौर से गुजर रही है ऊपर से यह नया शुल्क उनके उपर एक बोझ के रूप में सामने आया है।

श्री अग्रवाल ने कहा है पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के इंदौर जैसे जिले जो देश में सफाई में पहला स्थान प्राप्त है वहां भी बहुत सीमित मात्रा में कामर्शियल प्रतिष्ठानों से मात्र 3600 रुपए प्रतिवर्ष यूजर चार्ज लिया जाता है। देश के अनेक प्रदेशों में तो यह चार्ज लिया ही नही जा रहा है, इसे देखते हुए रायपुर में व्यवसायिक यूजर को युक्ति संगत किया जाना चाहिए।

सड़क काे किया जाए फिर शुरू

श्री अग्रवाल ने कहा है कि राजधानी रायपुर शहर में प्रदेश के सबसे बड़े कन्या महाविद्यालय डिग्री गर्ल्स कालेज व विद्यालय दानी स्कूल, कालीबाड़ी चौक में स्थित है। वहीं उसी परिसर में 4 बड़े कन्या छात्रावास भी संचालित है, महाविद्यालय एवं विद्यालय की छात्राएं अपने आने जाने के लिए पीछे बूढ़ातालाब की ओर सड़क का उपयोग करती थी जिससे शहर के मध्य यातायात व्यवस्था भी अच्छे तरह से संचालित हो रही थी एवं छात्राएं सुरक्षित आवागमन को लेकर निश्चिंत थी। किंतु बूढ़ातालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर उक्त सड़क को बंद किए जाने के चलते कालीबाड़ी चौक में भारी अव्यवस्था व यातायात का दबाव निर्मित हो गया है। क्योंकि चौक में ही कालीबाड़ी स्कूल, लक्ष्मीनारायण कन्या विद्यालय, गुरूकुल कॉलेज, महंत कॉलेज सहित कई विद्यालय एवं संस्थान है जिससे छात्र-छात्राओं की संख्या अत्याधिक होने के कारण यातायात में भारी दबाव रहता है और हमेशा जाम की स्थिति रहती है। सड़कों में यातायात के दबाव के चलते छात्राएं अपने आप को असुरक्षित भी महसूस कर रही है। अतः दानी स्कूल के पीछे बूढ़ातालाब के ओर की सड़क छात्राओं के उपयोग के लिए प्रारंभ किया जाए।

फ्रीहाेल्ड के नाम किया जा रहा परेशान

श्री अग्रवाल ने कहा है कि रायपुर शहर के मध्य स्थित गोलबाजार में व्यवसायियों को फ्री होल्ड (मालिकाना हक) दिया जा रहा है परन्तु फ्री होल्ड करने के नाम पर छोटे-छोटे व्यवसायियों से भारी भरकम गाईड लाईन रेट, कन्स्ट्रक्शन कास्ट व डेवलपमेंट चार्ज लिया जा रहा है, वह सर्वथा अनुचित है। दो साल से कोविड की मार झेल रहे छोटे, मंझोले व मध्यम 579 से अधिक व्यापारियों से जो राशि मांगी जा रही है वह अन्यायपूर्ण है। पीढ़ी दर पीढ़ी वर्षों से व्यवसाय कर रहे व्यापारियों से मालिकाना हक के नाम पर इस प्रकार की वसूली कहीं से भी उचित नहीं है। गाईड लाईन दर, कन्स्ट्रक्शन कास्ट व डेवलपमेंट चार्ज का जो मार छोटे, मंझोले व्यापारियों को दिया जा रहा है उसके स्थान पर सिर्फ गाईडलाईन दर पर किस्तों में व्यापारियों को मालिकाना हक दिया जाए।

पैसाें की हाे रही बर्बादी

श्री अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन व नगर निगम द्वारा शारदा चौक, लाखेनगर चौक, फाफाडीह चौक, आमनाका चौक, टाटीबंध चौक सहित अनेक चौकों से यातायात के नाम पर रोटरी को हटाया गया। तेलीबांधा, टाटीबंध सहित अनेक चौंकों से रोटरी (चौक) को छोटा किया गया फिर नगर निगम मुख्यालय के सामने रोटरी के नाम पर स्मार्ट सिटी के पैसे की बर्बादी कर ‘‘डेंजर जोन क्यों बनाया जा रहा है? चावडी, कांग्रेस कार्यालय, महाविद्यालय, लोकायुक्त कार्यालय नगर निगम का मुख्यालय उपरोक्तानुसार इन सभी बिन्दुओं पर तत्काल कार्यवाही कर की गई कार्यवाही से अवगत कराए।

स्मार्ट सिटी के पैसे का दुरुपयोग

सहित अनके संस्थान भी वहीं पर है जहां आम लोगों का दिनभर दबाव रहता है। इस स्थिति में वहां पर बीच सड़क में रोटरी (चौक) का निर्माण करने का निर्णय आश्चर्यजनक ही नहीं अपितु दुर्भाग्यजनक भी है कि नगर निगम स्मार्ट सिटी के पैसे का कैसा-कैसा दुरुपयोग कर रही है। अभी अभी आमापारा चौक में सड़क के ऊपर किए जा रहे निर्माण को जनआक्रोश के चलते तोड़ना पड़ा है। स्मार्ट सिटी के राशि की लूट ही मचानी है बजट को खर्च ही करना है तो सीधे अपने खातों में ट्रांसफर करा लेवे अपने पैसे खाने के हवस में शहर की जनता को कम से कम प्रताड़ित तो न करें। नगर निगम इस कार्य पर तत्काल रोक लगाएं।

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