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पायलट Zara Rutherford ने लिखी सफलता की नई इबारत, सबसे कम उम्र में लगाया दुनिया का चक्कर

जारा से पहले यह रिकार्ड 30 वर्षीया अमेरिकी पायलट शाऐस्ता वैज के नाम था.

नई दिल्ली:

आसमान की तरफ जब भी कोई नजर उठाकर देखता है तो उसके मन में उड़ने का ख्याल तो आता ही होगा. कई बच्चे तो अपने बचपन में ही सोच लेते हैं कि एक दिन वो इन ऊंचाई को छूकर ही रहेंगे. अक्सर इसी जुनून में लोग ऐसा कुछ कर जाते हैं, जिसकी लोहा दुनिया मानती है. इन दिनों बेल्जियन-ब्रिटिश पायलट (Belgium-British) जारा रदरफोर्ड (Zara Rutherford) खूब तारीफें बटोर रही है. दरअसल जारा रदरफोर्ड (Zara Rutherford) का कारनामा ही ऐसा है, जिस पर हर कोई फख्र करेगा.

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असल में जारा दुनिया का चक्कर लगाने वाली सबसे कम उम्र की महिला बन चुकी हैं. 19 वर्षीय जारा रदरफोर्ड (Zara Rutherford) अपने अंतिम पड़ाव में बुधवार को जर्मनी में लैंड किया. इसी के साथ 19 वर्षीया बेल्जियम-ब्रिटिश पायलट जारा रदरफोर्ड अकेले विमान (Aircraft)  उड़ाकर दुनिया का चक्कर काटने वाली सबसे कम उम्र की तमगा हासिल कर चुकी हैं. रवाना होने के 155 दिनों बाद उन्होंने गुरुवार को पश्चिमी बेल्जियम (West Belgium) में अपने छोटे विमान को लैंड किया. 

इस दौरान जारा ने 52000 किलोमीटर (Kilometer) से ज्यादा लंबी दूरी की. इसके साथ ही इस सफर पर जारा ने 41 देशों की यात्राएं कीं और पांच देशों में वह रुकीं. जारा रदरफोर्ड एक अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना देखती हैं. ये अनोखा मुकाम हासिल करने वाली जारा ने कहा उन्हें उम्मीद है कि उनकी यात्रा विज्ञान (Science) , प्रौद्योगिकी और विमानन में महिलाओं को प्रोत्साहित करेगी. जारा रदरफोर्ड ने कहा कि लड़कियों को अक्सर सुंदर, दयालु, मददगार और प्यारी बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. 

इसके साथ ही जारा ने कहा कि मैं अपनी उड़ान के साथ महिलाओं को दिखाना चाहती हूं कि वे साहसी, महत्वाकांक्षी हो सकती हैं और अपना हर सपना सच कर सकती हैं. जारा रदरफोर्ड (Zara Rutherford) को अल्ट्रालाइट शार्क विमान से तीन महीने लगने वाले थे, लेकिन लगातार खराब मौसम (Weather) और वीजा अड़चनों ने उन्हें कई हफ्तों तक रोके रखा. इसलिए उन्हें अपने सफर को पूरा करने में तयशुदा वक्त से ज्यादा समय लग गया.

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उत्तर और दक्षिण अमेरिका के बाद रदरफोर्ड एक महीने के लिए अलास्का में मौसम और वीजा में देरी के कारण काफी वक्त तक फंस गईं थीं. दुनिया भर में उड़ान के मानदंडों को पूरा करने के लिए रदरफोर्ड ने पृथ्वी पर एक दूसरे के विपरीत दो बिंदुओं को छुआ, जो कि यकीनन कमाल की उपलब्धि है. जारा रदरफोर्ड दुनिया के सबसे तेज माइक्रोलाइट विमान में 52,000 किमी की उड़ान भरने के बाद बेल्जियम के कार्ट्रिज्क-वेवेलगेम हवाई अड्डे पर वापस उतरीं.

 

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