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हर काेई राजधानी में मकान चाहता है, इसलिए सबसे ज्यादा रीयल एस्टेट की योजनाएं रायपुर में

रायपुर(realtimes) हर किसी का अपने मकान का सपना हाेता है। जाे व्यक्ति जिस राज्य में रहता है, वह यह भी चाहता है कि उसका अपना मकान अपने राज्य की राजधानी में हाे। यही वजह है कि अपने राज्य की राजधानी रायपुर के चारों तरफ हर दिशा में रीयल एस्टेट की योजनाओं की बाढ़ आई हुई है। फाफाडीह से बीरगांव, सिलतरा, टाटीबंध से कुम्हारी, मोवा से सारागांव, लालपुर से धमतरी रोड, नया रायपुर से लेकर मंदिर हसौद सहित राजधानी के कई इलाकों में कई योजनाएं चल रही हैं। रायपुर में कुल मिलाकर 600 से ज्यादा योजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें से कई योजनाओं के मकान और दुकान बिक भी रहे हैं। जहा तक पूरे प्रदेश की बात है तो रेरा में 1341 योजनाओं का पंजीयन है। नए साल के 12 दिनों में ही 16 नई योजनाओं का पंजीयन हुआ है। इसमें से सात योजनाएं रायपुर की हैं।

काेराेना ने लाेगाें काे कम से कम अपने घर की अहमियत का अहसास कराया है। कभी किसी ने साेचा नहीं था कि घर पर बैठकर भी अपने दफ्तर का काम हाे सकता है, लेकिन काेराेना में वर्क फ्राम हाेम ने इसकाे सच साबित करके दिखाया और घराें की अहमियत बढ़ने से रीयल एस्टेट में पहली बार बड़ा बूम आया है। पिछले साल कोरोना के बाद रीयल एस्टेट में त्यौहारी सीजन में बहुत घर बिके हैं। करीब छह सौ करोड़ का कारोबार हुआ है। इसी के साथ बीते साल रीयल एस्टेट में पहली बार रिकार्डतोड़ 136 नई योजनाएं लांच हुईं हैं

रेरा में 2018 से पंजीयन

रीयल एस्टेट से जुड़ी हर योजना को अब रेरा से मंजूरी लेनी पड़ती है। चाहे वह सरकारी योजना हो या फिर निजी योजना उनको रेरा में पंजीयन के बिना प्रारंभ नहीं किया जा सकता है। रेरा में पंजीयन का क्रम 2018 से प्रारंभ हुआ है। इसके बाद से लगातार रेरा में बिल्डर अपनी योजनाओं का पंजीयन करा रहे हैं। रेरा में जब फरवरी 2018 से पंजीयन प्रारंभ हुआ तो यही साल ऐसा रहा जिसमें रिकार्डतोड़ 897 योजनाओं का पंजीयन हुआ। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हर बिल्डर को अपनी पुरानी योजनाओं का भी पंजीयन कराना जरूरी था। दूसरे साल पुरानी और नई योजनाओं को मिलाकर 192 योजनाएं मंजूर हुईं। 2020 में कोरोना काल होने के बाद भी 100 नई योजनाओं का पंजीयन रेरा में हुआ। इनमें बहुत सी योजनाएं पुरानी थीं। लेकिन 2021 में पिछले साल का रिकार्ड टूट गया। इस साल दिसंबर तक 136 नई योजनाओं का पंजीयन हुआ।

रायपुर योजनाओं में पहले नंबर पर

प्रदेश भर में इस समय 1341 योजनाएं चल रही हैं। इसमें सबसे ज्यादा 638 योजनाएं रायपुर में चल रही हैं। इसके बाद बिलासपुर में 218 योजनाएं चल रही है। दुर्ग में चल रही 155 योजनाओं में से 47 योजनाएं पाटन में चल रही हैं। इसके अलावा रायगढ़ में 72, राजनांदगांव में 62, जांजगीर चांपा में 29, कोरबा में 31, बस्तर में 27, धमतरी में 26, सरगुजा में 27, योजनाएं चल रही हैं। इसके अलावा छोटे जिलों में आधा दर्जन से लेकर एक दर्जन योजनाएं चल रहीं।

रायपुर में यहां ज्यादा योजनाएं

बिल्डरों की पहली पसंद राजधानी रायपुर है। यहां पर नवा रायपुर, सेजबहार, जोरा, डूंडा, कमल विहार, भुरकोनी, मठपुरैना, देवपुरी, कमल विहार के आस-पास, मोवा, सरोना, भठगांव, अमलेश्वर, पछेड़ा, बोरियाखुर्द, बोरियाकला, कचना के साथ शहर के कई इलाके हैं जहां पर जिस बिल्डर काे जमीन मिल रही है, वहां पर घरों के साथ व्यावसायिक कांप्लेक्स तक बनाए जा रहे हैं। रायपुर में बिल्डरों के मकान 20 लाख से एक करोड़ तक में मिल रहे हैं। अलग-अलग इलाकों में तीन बीएचके के मकान 50 लाख से लेकर 90 लाख तक मिल रहे हैं। वन बीएचके का मकान 20 लाख रुपए में बिक रहा है। टू बीएचके के मकान 35 से 40 लाख तक में मिल रहे हैं।

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