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सीएम भूपेश की पहल ने दिखाया रंग, पहली बार आधे साल में ही 23 हजार से ज्यादा कृषि पंपों को दिए कनेक्शन

रायपुर(realtimes) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल ने रंग दिखाने का काम किया है। प्रदेश के किसानाें के लिए इस साल से पहले तक कृषि पंप कनेक्शन दूर की काैड़ी थे, लेकिन अब किसानों के लिए पंप कनेक्शन की राह बहुत आसन हाे गई है। प्रदेश के किसानाें को कृषि पंप के कनेक्शन के लिए भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा था। एक-एक कनेक्शन के लिए ही कई सालाें से किसान चक्कर काट रहे थे, पर हजारों आवेदनों के पेंडिंग होने के कारण कनेक्शन मिलने में परेशानी हाे रही थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर प्रदेश में कृषि पंपों के पेंडिंग 35 हजार आवेदनों का निपटारा जल्द से जल्द करने में छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी जुटी है। इतिहास में पहली बार आधे साल में ही रिकाॅर्डतोड़ 23 हजार से ज्यादा कनेक्शन दे दिए गए हैं। अगर फसल का समय नहीं होता तो अब तक सारे पेंडिंग कनेक्शन पूरे हो जाते। अभी 12 हजार कनेक्शन बचे हैं। इनका निपटारा भी जल्द करने की तैयारी है।

प्रदेश में कृषि पंपों के भारी संख्या में पेंडिंग होने की जानकारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंचने के बाद इन पंपों के कनेक्शन का निपटारा करने के निर्देश मुख्य्मंत्री ने मार्च में दिए थे। अब इससे पहले कि इस पर अमल प्रारंभ होता, काेरोना के कहर के कारण लॉकडाउन लग गया और इसमें कनेक्शन देने की योजना फंस गई। जब मई में लॉकडाउन के साथ अनलॉक में निर्माण कार्यों को छूट मिली तो पाॅवर कंपनी ने सभी जिलों के ठेकेदारों को खंबे खड़े करने के निर्देश दिए। मई के तीसरे सप्ताह से इस पर युद्ध स्तर पर काम प्रारंभ किया गया। इसी का नतीजा है कि कंपनी ने पहले जून में ही 12 हजार कनेक्शन देने में सफलता प्राप्त की। इसके बाद दूसरे माह छह हजार और कनेक्शन दिए गए। दो माह में रिकार्डतोड़ 18 हजार 340 कनेक्शन दिए गए। इसके बाद मानसून के साथ फसल का समय आने पर कनेक्शनों का काम बंद हो गया। लेकिन इधर जैसे ही पिछले माह से फसल की कटाई प्रारंभ हुई तो फिर से कनेक्शन देने का काम प्राारंभ हो गया है। अब तक 23 हजार 166 कनेक्शन दे दिए गए हैं।

तीन साल पहले दिए थे 17 हजार कनेक्शन

छत्तीसगढ़ बनने के बाद आमतौर पर एक साल में 15 हजार के आस-पास ही नए कनेक्शन दिए जाते रहे हैं। प्रदेश सरकार से अब तक एक साल में बजट में 150 करोड़ का ही बजट मिलता रहा है। इससे 15 से 17 हजार के आस-पास ही कनेक्शन लग पाते हैं। एक कनेक्शन के पीछे करीब एक लाख तक खर्च लग जाता है। पिछले तीन सालों के कनेक्शन दिए जाने पर नजर डाले तो मालूम होता है कि 2018-19 में 17 हजार कनेक्शन लगाए जाने के बाद 2019-20 में 29 हजार आवेदन पेंडिंग थे। इस साल 15 हजार कनेक्शन दिए गए। जितने कनेक्शन दिए गए इससे ज्यादा आवेदन आने के कारण इस साल पेंडिंग आवेदनों की संख्या में 32 हजार तक चली गई। 2020-21 में फरवरी तक 10 हजार कनेक्शन लगे। ऐसे में पुराने पेडिंग आवेदन ही 22 हजार बच गए। इस साल फिर से करीब 13 हजार आवेदन आने के कारण पेंडिंग आवेदन 35 हजार से पार हाे गए हैं। इन सारे आवेदनों का निपटारा करने के मुख्यमंत्री भूपेश ने निर्देश दे दिए हैं। सारे आवेदनों का निपटारा मार्च से पहले करने लक्ष्य पॉवर कंपनी ने तय किया है।

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