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उसना चावल पर राजनीतिक उफान, भूपेश की चिट्ठी पर भाजपा सांसद बाेले- मुख्यमंत्री ताे करते ही नहीं सासंदाें का सम्मान

रायपुर(realtimes) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य के सांसदाें काे उसना चावल काे लेकर लिखी गई चिट्ठी काे लेकर राजनीतिक उफान आ गया है। भाजपा के सांसदों का कहना है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को किसानों और राइस मिलरों की चिंता है तो उनको सांसदों को बुलाकर आमने-सामने बात करके राज्य की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए बात करनी चाहिए। मुख्यमंत्री तो सांसदों से बात करना ही पंसद नहीं करते हैं और न ही सांसदाें का सम्मान करते हैं। महज राजनीति करने के लिए ही चिट्ठी लिखी गई है। प्रदेश के राइस मिलर उसना चावल को लेकर पहले ही हमसे बात करके अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं। प्रदेश के किसानों और राइस मिलरों के हित में जो भी होगा, उसको लेकर केंद्र सरकार से हम लोग अपने स्तर पर जरूर बात करेंगे।

केंद्र सरकार से उसना चावल की खरीदी करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी 14 सांसदों को पत्र लिखा है। इसके बाद से इसको लेकर सियासत गर्म हो गई है। इस मामले में जब भाजपा के सांसदों  बात की गई ताे जो ज्यादातर सांसदों ने यह कहा है कि उनको मुख्यमंत्री की पहले तो अभी तक चिट्ठी नहीं मिली है, दूसरे मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखने की बजाए सभी सांसदों को बुलाकर बात करनी चाहिए।

राज्य के हालात की दे जानकारी

रायपुर के सांसद सुनील सोनी का कहना है, मुख्यमंत्री को किसानों की कोई चिंता नहीं है। वे सांसदों को चिट्ठी लिखने का महज दिखावा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को इस मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। सांसदों को बुलाकर राज्य की वस्तुस्थिति से अवगत कराना चाहिए और बताना चाहिए कि उसना चावल के मामले में क्या छत्तीसगढ़ के साथ ही पक्षपात हो रहा और केंद्र सरकार क्या दूसरे राज्यों से उसना चावल ले रही है। जब सांसदों के सामने सारी वास्तविक स्थिति आएगी तभी को हम केंद्र में कुछ बात करेंगे। इसी के साथ श्री सोनी ने कहा, उनके पास मुख्यमंत्री का अब तक पत्र नहीं आया है।

राइस मिलर पहले ही बचा चुके हैं समस्या

महासमुंद के सांसद चुन्नीलाल साहू का कहना है, उनके पास महासमुंद और धमतरी के राइस मिलर पहले ही आकर अपनी बात रख चुके हैं। श्री साहू ने कहा, मुख्यमंत्री ने तो बाद में पत्र लिखा है। उन्होंने कहा, हम सभी सांसद पहले आपस में बात करेंगे और केंद्र सरकार के खाद्य मंत्रालय से इस मामले में जो भी उचित होगा, बात करेंगे। दुर्ग के सांसद विजय बघेल भी कहते हैं, राइस मिलर पहले ही अपनी समस्या बता चुके हैं। उनका कहना है मुख्यमंत्री तो सांसदों से कभी बात नहीं करते हैं, महज पत्र लिखकर राजनीति करते हैं। जांजगीर चांपा के सांसद गुहाराम अजगले ने कहा, सांसद आपस में चर्चा करने के बाद केंद्र सरकार से बात करेंगे। यही बात बिलासपुर के सांसद अरूण साव, राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडेय और राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम कहते हैं।

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