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ताइवान ने अमेरिका से की एफ-16 फाइटर जेट की डील, पिछले दिनों चीन ने भेजे थे फाइटर जेट

चीन-ताइवान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच चीन की सेना ने पिछले सप्ताह ताइवानी खाड़ी के रास्ते अमेरिका और कनाडा द्वारा जंगी जहाज भेजने की निंदा की है। उसने बौखलाहट निकालते हुए कहा कि दोनों देशों की इन उत्तेजक कार्रवाइयों ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से खतरे में डाल दिया है। चीन इस क्षेत्र पर अपना दावा करता है, जहां से गुजरने के लिए वह चीनी मंजूरी जरूरी मानता है। ताइवान स्ट्रेट 180 किलोमीटर चौड़ी खाड़ी है जो ताइवान और महाद्वीपीय एशिया के द्वीप को अलग करती है। यहां चीन और ताइवान की नौसेना और तटरक्षक जहाज दोनों गश्त करते हैं। अमेरिकी नौसैन्य डिस्ट्रायर यूएसएस डेवी (डीडीजी-105) और रॉयल कनाडाई नेवी फ्रिगेट एचएमसीएस विन्निपेग 15 अक्तूबर को ताइवान स्ट्रेट के रास्ते से रवाना हुए थे।

चीनी पीएलए ईस्टर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता ने कहा, हमने पूरे मामले में दो युद्धपोतों को ट्रैक और मॉनिटर करने के लिए अपनी नौसेना और वायुसेना को भेजा है। सीनियर कर्नल शी यी ने जोर देकर कहा कि ताइवान चीन का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि हम हर समय हाई अलर्ट पर हैं और सभी खतरों और उकसावे का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।

चीन बोला- हमने जुलाई में अंतरिक्ष यान का परीक्षण किया था

चीनी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि चीन ने जुलाई में एक अंतरिक्ष यान का परीक्षण किया था, न कि परमाणु सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइल का। इस मामले की जानकारी रखने वाले पांच लोगों के हवाले से फाइनेंशियल टाइम्स ने शनिवार को बताया था कि चीन ने एक एटमी हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया, जिसने अंतरिक्ष से उड़ान भरकर अपने लक्ष्य की तरफ जाने से पहले दुनिया का चक्कर लगाया। लेकिन वह दो दर्जन मील निशाने से चूक गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने बताया कि वह मिसाइल नहीं, एक हाइपरसोनिक अंतरिक्ष यान था और कई कंपनियों ने ऐसे परीक्षण किए हैं।

ताइवान ने अमेरिका से की एफ-16 फाइटर जेट की डील

चीन की ताइवान के ऊपर दादागिरी किसी से छुपी नहीं है। पिछले कुछ सालों से चीन लगातार ताइवान को धमका रहा है। सिर्फ यही नहीं चीन अपने फाइटर जेट तक ताइवान की सीमा में भेज चुका है। हालांकि ताइवान भी अब तक उसके ऐसे तनाव भड़काने वाले कदमों पर मुंहतोड़ जवाब देता आया है। बीते दिनों ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स भी आई थीं कि चीन से बढ़ते खतरे के बीच ताइवान ने अमेरिका से एफ-16 फाइटर जेट की डिलीवरी में तेजी लाने का आग्रह किया है।

उन रिपोर्ट्स की मानें तो बाइडन प्रशासन से ताइवान के अधिकारियों ने अमेरिकी निर्मित एफ-16 की डिलीवरी में तेजी लाने को कहा है। बता दें कि 22 फाइटर जेट्स की बिक्री को 2019 में मंजूरी दी गई थी, आमतौर पर ऐसी डिलीवरी में 10 साल का वक्त लगता है, लेकिन ताइवान को उम्मीद है डिलीवरी के समय में तेजी आएगी।

पिछले दिनों चीन ने भेजे थे फाइटर जेट

एक से पांच अक्तूबर के बीच करीब चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 150 सैन्य विमानों ने ताइवान के वायु क्षेत्र में घुसपैठ की थी। ताइवान के स्थानीय अखबार के मुताबिक ये बीजिंग की ओर से पिछले कुछ दिनों में ताइवान की सबसे बड़ी घुसपैठ थी। चीन ने अपनी सेना का तेजी से आधुनिकीकरण किया है। ड्रैगन दावा करता है कि ताइवान उसका ही अंग है और ताइवान इसे नहीं मानता और वह लोकतंत्र में विश्वास रखता है।

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