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100 यूनिट खपत करने वाले 20 लाख उपभोक्ताओं के घराें में नहीं लगेंगे स्मार्ट मीटर, डेढ़ हजार कराेड़ बचेंगे

रायपुर(realtimes) केंद्र सरकार की स्मार्ट मीटर योजना को पूरा करने में छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी काे तीन हजार कराेड़ की दरकार है। ऐसे में कंपनी यह साेच रही है कि आखिर इस बजट काे कैसे कम किया जाए। इसके लिए पॉवर कंपनी ने सौ यूनिट तक खपत करने वाले 20 लाख बीपीएल और एपीएल उपभोक्ताओं को योजना से अलग रखने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया है। अगर इसकी मंजूरी मिलती है तो डेढ़ हजार करोड़ बच जाएंगे।

केंद्र सरकार ने पूरे देश में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना बनाई है। कई राज्यों में यह योजना प्रारंभ भी हो गई है। योजना को लेकर केंद्रीय मंत्री लगातार राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ राज्यों की पॉवर कंपनियों से भी बात कर रहे हैं और जानकारी ले रहे हैं। चूंकि इस योजना का राजपत्र में प्रकाशन करके इसको अनिवार्य कर दिया गया है, अब कोई भी राज्य इस योजना को लागू करने के इनकार नहीं कर सकता है। इस योजना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले ही मंजूरी दे चुके हैं। योजना में लगने वाला स्मार्ट मीटर छह हजार का आएगा। योजना में केंद्र सरकार से 15 प्रतिशत यानी नौ सौ रुपए प्रति मीटर के हिसाब से मिलेगा। बाकी 51 सौ रुपए पॉवर कंपनी देगी।

इनको योजना से अलग रखने का प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने यहां के उपभोक्ताओं के हिसाब से केंद्र सरकार को योजना के लिए प्रस्ताव बनाकर दिया है। वहां से मंजूरी मिलते ही योजना पर काम प्रारंभ होगा। यूं तो यहां पर 55 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं, लेकिन कृषि पंपों के साढ़े पांच लाख कनेक्शनों में ये मीटर नहीं लगने लगभग तय हैं क्योंकि अपने राज्य में कृषि पंपों को ज्यादातर मुफ्त बिजली मिलती है और इन कनेक्शनों में पहले से ही मीटर नहीं लगे हैं। इसी के साथ पॉवर कंपनी ने केंद्र सरकार से कहा है कि हमारे राज्य में सौ यूनिट तक खपत करने वाले 20 लाख उपभोक्ता हैं। इसको भी योजना से अलग रखा जाए। इसमें से 18 लाख बीपीएल उपभोक्ता हैं। इनको जहां प्रदेश सरकार 30 यूनिट तक बिजली मुफ्त देती है, वहीं बाकी के पैसे लगते हैं। इसी के साथ प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार के समय सौ यूनिट तक खपत करने वाले बीपीएल के साथ एपीएल उपभोक्ताओं के लिए भी एक फ्लैट योजना प्रारंभ की गई थी, इसमें सौ रुपए में सौ यूनिट तक की खपत शामिल है। इस योजना में एपीएल के भी दो लाख से ज्यादा उपभोक्ता जुड़े हैं। ऐसे में बीपीएल और एपीएल को मिलाकर 20 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिनकी खपत महज सौ यूनिट है। पॉवर कंपनी का कहना है, कम खपत करने वाले उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने जरूरी नहीं है। लेकिन इस पर केंद्र सरकार सहमत होगी, तभी इनको योजना से अलग रखा जाएगा।

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