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राजस्थान में रीट परीक्षा में संदिग्ध भूमिका के कारण एक शिक्षा अधिकारी एवं 13 कर्मचारी ससपेंड

जयपुर : राजस्थान में गत 26 सितंबर को संपन्न हुई अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) में संदिग्ध भूमिका के चलते शिक्षा विभाग ने एक जिला शिक्षा अधिकारी एवं तेरह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि रीट परीक्षा में नक़ल आदि मामलों पर पहली कार्रवाई करते हुए परीक्षा में संदिग्ध भूमिका के कारण सवाईमाधोपुर (मुख्यालय) के ज़लिा शिक्षा अधिकारी  राधेश्याम मीणा को निलम्बित कर दिया गया है। निलम्बन काल में श्री मीणा का मुख्यालय निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर होगा। उन्होंने कहा कि अब आगे पुलिस जाँच रिपोर्ट में दोष सिद्ध होने के उपरांत इनकी सरकारी सेवा से बर्खास्तगी होगी।


उन्होंने बताया कि परीक्षा में अब तक प्राप्त जानकारी के आधार पर इसके अलावा शिक्षा विभाग के 13 कर्मचारियों की भी संदिग्ध भूमिका की सूचना मिली थी जिस पर कार्रवाई करते हुए सभी 13 कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया गया है। अब आगे पुलिस जाँच रिपोर्ट में दोष सिद्ध होने के उपरांत इनकी सरकारी सेवा से बर्खास्तगी होगी। उन्होंने कहा कि अभी और कार्रवाई होना बाक़ी है,कोई दोषी नहीं बचेगा।  


जिन कर्मचारियों को निलंबित किया उनमें सिरोही जिले से कनिष्ठ सहायक मनोहर, जालोर से व्याख्याता मनोहर लाल तथा अध्यापक सुरेश कुमार बिश्नोई एवं प्रकाश चौधरी, बाड़मेर से अध्यापक रमेश कुमार, नागौर से अध्यापक रामनिवास बसवाना एवं श्रवण राम, डूंगरपुर से अध्यापक भवरलाल कड़वासरा एवं शारीरिक शिक्षक हरी चंद पाटीदार, राजसमंद से अध्यापक मांगी लाल दर्जी एवं श्रवण कुमार, भरतपुर से अध्यापक लक्ष्मण सिंह और बूंदी से अध्यापक श्रवण कुमार शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।  उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गत 26 सितंबर को करीब 31 हजार शिक्षक पदों के लिए रीट परीक्षा संपन्न हुई थी। इसमें लाखों परीक्षार्थियों ने भाग लिया। कई स्थानों पर परीक्षा में नकल एवं पेपर लीक जैसे मामले सामने आये थे। 

 

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