City

श्रीराम की मौत का मिला 15 लाख मुआवजा

परिवार के एक व्यक्ति काे संविदा नाैकरी भी

रायपुर(realtimes) रावणभाठा उपकेंद्र में 25 सितम्बर को हुई दुर्घटना में मृतक कर्मचारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घाेषणा के मुताबिक मुआवजे का चेक तत्काल देने की मांग रखते हुए अचानक आंबेडकर अस्पताल के चीरघर के सामने ही दाेपहर काे धरना दे दिया। यही नहीं मृत शरीर काे भी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद इस मामले में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पावर कंपनी के अधिकारी मृतक के परिजनाें काे मनाने में जुट गए। बड़ी मुश्किल से उनकाे मनाया गया और रात काे अंततः चेक के साथ मृतक के परिवार के एक व्यक्ति काे संविदा नाैकरी देने का पत्र भी साैंपा।

रावणभाठा के सब स्टेशन में रखरखाव के काम के दाैरान बिजली खंबे पर चढ़े दाे कर्मचारियाें काे देखे बिना ही किसी से लाइन चालु कर दी। ऐसे में माैके पर ही एक श्रीराम पटेल की माैत हाे गई, वहीं एक दूसरा कर्मचारी अमित साहू घायल हाे गया। इस घटना के बाद  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी और 15 लाख का मुआवजा तथा आश्रित को संविदा नियुक्ति के निर्देश दिए थे। परिजनाें काे इसकी जानकारी ताे थी, पर परिजन जब मृतक का शरीर लेने अस्पताल गए ताे वे वहां पर तत्काल मुआवजे का चेक देने की मांग पर करते हुए धरने पर बैठ गए। परिजनाें काे इस बात का अंदेशा था कि घाेषणा के बाद उनकाे वास्तव में मुआवजा मिलेगा या नहीं। मुआवजा कब मिलेगा इसका काेई उल्लेख भी नहीं था, इसलिए चेक की मांग काे लेकर धरना दे दिया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि परिजनाें काे रात काे चेक मिल गया। रविवार अवकाश के बाद भी विभाग ने तत्काल कार्रवाई पूरी करते हुए चेक जारी किया और उच्च अधिकारियों ने परिजनों को चेक सौंपा। मृतक के परिजनों ने किसे नियुक्ति दी जाए हेतु परिवार में चर्चा कर अलग से सूचित करने हेतु कहा है।

अपने मोबाइल पर REAL TIMES का APP डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
COVID-19 LIVE