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रायपुर में एक ही पंप, वाहनाें के एलपीजी गैस का भारी टाेटा, इसलिए पुरानी काराें में गैस किट लगाने का धंधा हाे गया छाेटा

रायपुर(realtimes) पेट्रोल की कीमत में लगी आग से राहत पाने का एक अच्छा विकल्प पुरानी काराें में गैस किट लगवाना है। लाेग ऐसा करते भी हैं। कुछ समय पहले भारी संख्या में लाेग गैस किट लगवाते थे, लेकिन रायपुर में वाहनाें के एलपीजी गैस का एक ही पंप हाेने के कारण अब लाेग किट लगवाने से कतराने लगे हैं। ऐसा हाेने से किट लगाने का काम करने वालाें का धंधा पहले से छाेटा हाे गया है। पहले रोज 50 से 60 कारों में किट लगती थी, लेकिन अब महज पांच कारों में ही किट लग पाती है।

लाेग महंगे पेट्राेल के स्थान पर अब इसका विकल्प खोजने लगे हैं कि उनके वाहन गैस किट वाले हो जाएं या फिर इलेक्ट्रिक्स में बदल जाएं। जहां तक कारों का सवाल है तो इनको इलेक्ट्रिक्स में बदलना घाटे का सौदा है, क्योंकि इस पर खर्च साढ़े पांच लाख तक आता है। लेकिन गैस किट में बदलना आसान और सस्ता है। इस पर महज 18 से 20 हजार रुपए लगते हैं। रायपुर में कारों में गैस किट लगाने का धंधा कई सालों से करीब आधा दर्जन लाेग कर रहे हैं। इनके यहां कुछ साल पहले तक गैस किट लगवाने वालों का रैला लगा रहता था। एक-एक दुकान वाले के पास रोज दर्जन भर लोग गैस किट लगवाने जाते थे। कई लोग तो नई कार और वैन में भी गैस किट लगवा लेते थे, क्योंकि इसमें पेट्रोल से खर्च आधा आता है। यह वह समय था जब रायपुर में एलपीजी के चार पंप संचालित होते थे। तब आसानी से वाहनों के लिए गैस मिल जाती थी, लेकिन अब तीन पंप लंबे समय से बंद हो गए हैं।

एक पंप यानी एक अनार साै बीमार

रायपुर में इस समय एक मात्र एलपीजी पंप मोवा में है। जानकारों की मानें तो रायपुर में आटो और निजी कारें और वैन को मिलाकर करीब दो हजार वाहन गैस किट वाले हैं। इनमें गैस भरवाने के लिए वाहन मालिकों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। मोवा के पंप में लंबी लाइन लग जाती है। यही वजह है कि अब लोग गैस किट लगवाने से कतराने लगे हैं। कुछ समय पहले एलपीजी किट वाले आटो संचालकों ने हड़ताल भी की थी और सरकार से यहां पर ज्यादा पंप खाेलने की मांग भी रखी थी, ताकि एलपीजी वाले आटो की संख्या में ऊी इजाफा हो और इससे प्रदूषण भी कम हो। अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हो सकी है।

पंप बढ़ें तो मिलेगी राहत

गैस किट का काम करने वाले गणेश आटो के संचालक नवीन शर्मा का कहना है, अगर रायपुर में ज्यादा से ज्यादा एलपीजी वाले पंप खुल जाए तो लोग वापस गैस किट लगवाने लगेंगे। ऐसा होने से लोगों को बहुत फायदा होगा, क्योंकि गैस किट लगवाने से उनको बहुत फायदा होगा। गैस में एक वाहन का एवरेज पेट्रोल जितना ही आता है, लेकिन खर्च आधा हो जाता है, क्योंकि गैस 56 रुपए लीटर और पेट्रोल सौ रुपए लीटर है।

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